खेतों में बहाया पसीना,सब्जियों की खेती से बदली किस्मत : फिलोमिना टोप्पो


महुआडांड: महुआडांड प्रखंड के चैनपुर पंचायत के अहिरपुरवा गाँव की रहने वाली फिलोमिना टोप्पो आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बीच जीवन गुजारने वाली फिलोमिना ने मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है।पति विमल मिंज और तीन बेटियों के साथ साधारण जीवन जी रही फिलोमिना का चयन ग्रामसभा के माध्यम से मनरेगा महिला मेट के रूप में हुआ। इसके बाद लीड्स संस्था द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने उनके जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने मनरेगा योजनाओं को समझते हुए नहर जीर्णोद्धार कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई और मजदूरों का नेतृत्व संभाला।फिलोमिना ने आत्मनिर्भर बनने के लिए खेती को अपना सहारा बनाया। अपने खेत में कद्दू, करेला, भिंडी, नेनुआ और खीरे की खेती शुरू की। आज वे प्रतिदिन ताज़ी सब्जियाँ बाजार में बेचकर लगभग 1000 से 1200 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इसी कमाई से वे अपनी बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं।पति विमल मिंज के सहयोग से फिलोमिना अब बड़े स्तर पर बागवानी करने का सपना देख रही हैं। उनकी कहानी मेहनत, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है।



