टंकी बनी शोपीस, बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, करोड़ों की योजना पर उठे सवाल


रांची : राजधानी रांची में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए कई जलमीनार लोगों के लिए बेकार साबित हो रहे हैं। जुडको की ओर से संचालित पेयजल योजनाओं के बावजूद कई इलाकों में नियमित पानी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को रोजाना पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

शहर के कई मोहल्लों में जलमीनार तैयार होने के बाद भी पाइपलाइन, मोटर या तकनीकी कारणों से पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। कुछ जगहों पर सीमित समय के लिए पानी दिया जा रहा है, जबकि कई इलाकों में लोग अब भी टैंकर या दूसरे स्रोतों पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी योजना का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।
लोगों का आरोप है कि योजना पूरी होने के बाद भी निगरानी और रखरखाव की कमी है। पेयजल संकट को लेकर नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है और जल्द स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।


