15 वर्षों की निष्पक्ष पत्रकारिता, कोरोना काल में मानवता की मिसाल — देवनीश लिली मुंजनी बने महुआडांड़ की जनता की बुलंद आवाज


Jharkhand : महुआडांड़ अनुमंडल में पिछले 15 वर्षों से निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित की पत्रकारिता कर रहे हिंदुस्तान समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार देवनीश लिली मुंजनी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपनी कलम की ताकत से गांव-गरीब, मजदूर, किसान और जरूरतमंद लोगों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने का लगातार कार्य किया है।कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में जब लोग अपने घरों में कैद थे, उस दौर में भी देवनीश लिली मुंजनी ने समाज और मानवता के लिए लगातार कार्य किया। उनकी सामाजिक सेवा, समर्पण और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच द्वारा सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से महुआडांड़ अनुमंडल के लोगों में गर्व और खुशी का माहौल देखा जा रहा है।देवनीश लिली मुंजनी ने हमेशा ग्रामीण क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों पर उनकी खबरों ने कई बार प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया। यही वजह है कि आज महुआडांड़ अनुमंडल के हर गांव और हर वर्ग के लोगों के दिलों में उन्होंने खास जगह बना ली है।उनकी पत्रकारिता की सबसे बड़ी पहचान निष्पक्षता और सच्चाई मानी जाती है। बिना किसी दबाव और पक्षपात के जनता की समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित करना उनकी कार्यशैली रही है। ग्रामीणों का कहना है कि देवनीश लिली मुंजनी ने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का मिशन बनाया है।क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज के दौर में जहां पत्रकारिता पर सवाल उठते हैं, वहीं देवनीश लिली मुंजनी जैसे पत्रकार समाज में भरोसे और सत्य की मिसाल बने हुए हैं। महुआडांड़ अनुमंडल में उनकी पहचान एक ऐसे पत्रकार की है, जो हर परिस्थिति में जनता की आवाज बनकर खड़े रहते हैं।



