पेपर लीक के आरोप से मचा बवाल, भाजपा ने की CBI जांच की मांग, राजनीति गरमाई


रांची : झारखंड में आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर पेपर लीक के आरोपों ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। 12 अप्रैल 2026 को हुई इस परीक्षा के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मामले को गंभीर बताते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर सात सूत्री ज्ञापन सौंपा।

भाजपा का आरोप है कि रांची के तमाड़ क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन में संगठित तरीके से परीक्षा माफिया द्वारा अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए जा रहे थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया और कंप्यूटर व लैपटॉप जैसे उपकरण भी बरामद किए गए। पार्टी का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर हुई इस गतिविधि से परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
यह परीक्षा राज्य के 8 जिलों के 370 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें 583 पदों के लिए लगभग 1.48 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। भाजपा ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा पेपर लीक से इनकार करने पर भी संदेह जताया है और पूर्व में JSSC व JPSC परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


