UAE के फैसले से पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराया, विदेशी मुद्रा बचाने की जद्दोजहद तेज


इस्लामाबाद : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा 3 अरब डॉलर के कर्ज की अदायगी मांगने के बाद पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर दबाव और बढ़ गया है। इस फैसले के चलते देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है और सरकार के सामने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है.

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा है कि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार यूरोबॉन्ड, इस्लामिक सुकुक, डॉलर-लिंक्ड बॉन्ड और कमर्शियल लोन जैसे कई विकल्पों पर विचार कर रही है। साथ ही पहली बार चीन में ‘पांडा बॉन्ड’ जारी करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे विदेशी मुद्रा जुटाई जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, UAE से मिलने वाले कर्ज पर निर्भरता कम करने और IMF की शर्तों के अनुसार विदेशी भंडार को संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है। वहीं, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और मित्र देशों से अतिरिक्त सहायता मिलने की उम्मीद पर भी सरकार की नजर टिकी हुई है।


