2 हफ्ते से ज्यादा खांसी को न करें नजरअंदाज, टीबी का हो सकता है संकेत, डॉक्टर की चेतावनी


जमशेदपुर : 24 मार्च को विश्व तपेदिक दिवस से पहले ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल के पल्मोनोलॉजी एवं चेस्ट मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. जगदीश लोहिया ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि दो हफ्तों से अधिक समय तक रहने वाली खांसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह तपेदिक (टीबी) का शुरुआती संकेत हो सकता है। अक्सर लोग इसे मौसम, प्रदूषण या सामान्य सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

डॉ. लोहिया के अनुसार, टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा के जरिए फैलती है। लगातार खांसी के साथ हल्का बुखार (खासतौर पर शाम के समय), बिना कारण वजन घटना, थकान, भूख में कमी और रात में पसीना आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि ये लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं, इसलिए समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। बलगम की जांच, छाती का एक्स-रे और मॉलेक्यूलर टेस्ट के जरिए टीबी की पहचान आसानी से की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए और दवाइयों का पूरा कोर्स नियमित रूप से लिया जाए। बीच में दवा छोड़ने से दवा-प्रतिरोधी टीबी का खतरा बढ़ जाता है, जिसका इलाज कठिन होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि खांसी दो हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहे या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें, क्योंकि जागरूकता और समय पर उपचार ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।


