ठाकुरबाड़ी लक्ष्मी मंदिर भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट आदेश पर रोक से इनकार


जमशेदपुर : ठाकुरबाड़ी लक्ष्मी मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. यह फैसला स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) संख्या 8286/2026 पर सुनवाई के दौरान आया, जिसे कमल अग्रवाल की ओर से दायर किया गया था. सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देशों में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होगी और अदालत ने प्रतिवादी संख्या-5 को तीन दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.

सुनवाई के दौरान बताया गया कि विवादित जमीन मूल रूप से वर्ष 1904 में एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा एक बंगाली ट्रस्ट को दी गई थी, जो टाटा स्टील की स्थापना और जमशेदपुर शहर के विकास से भी पहले की बात है. बाद में 1976 में पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह मंदिर संपत्ति झारखंड हिंदू धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड के अधीन आ गई थी.
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक निजी ट्रस्ट कमेटी ने मंदिर की जमीन पर बिना अनुमति के चार मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण कर लिया. इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में अवैध कब्जा और निर्माण की शिकायत की गई थी. हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश भी दिए थे.



