दिल्ली में प्रदूषण गंभीर समस्या बन गया है” — सांसद ने संसद सत्र को दिल्ली से बाहर करने की मांग की


दिल्ली: एक सांसद ने संसद में कहा है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण इतना गंभीर हो गया है कि संसद का शीतकालीन और बजट सत्र दिल्ली से बाहर किसी अन्य शहर में आयोजित किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि दिल्ली हर साल सर्दियों में अत्यधिक प्रदूषण का शिकार होती है, जिससे सांसदों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को सांस लेने में कठिनाई होती है और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है। इस वजह से उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जब तक राजधानी की हवा साफ़ नहीं हो जाती, तब तक सत्र को बेहतर वायु गुणवत्ता वाले शहरों में रखा जाए।
सांसद ने कुछ शहरों जैसे भुवनेश्वर, हैदराबाद, गांधीनगर, बंगलूरू, गोवा और देहरादून का नाम सुझाया है, जहाँ वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रहती है और संसदीय कार्य सुचारू रूप से किये जा सकते हैं। उनके विचार में, इससे सांसदों और अन्य कर्मियों की सेहत को नुकसान से बचाया जा सकता है और पारदर्शी कार्यवाही जारी रखी जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण को केवल एक मौसमी समस्या नहीं बल्कि एक मानव निर्मित आपदा के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रशासन को प्रदूषण नियंत्रित होने तक संसद सत्र को चुनौतीपूर्ण माहौल से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाने पर विचार करना चाहिए।
शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में वायु गुणवत्ता मुद्दे पर बहसें और विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं, जिसमें सांसदों ने प्रदूषण पर त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग की है। कुछ सांसदों ने सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कार्य कर सांसदों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।



