फ्लाइट्स कैंसिल होने से परेशान पैसेंजर्स को मिलेगा मुआवजा


नई दिल्ली: इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से भारी परेशानी झेलने वाले यात्रियों को एयरलाइंस अब मुआवजा देगी. इंडिगो ने उन यात्रियों को 10,000 रुपये मूल्य तक के ट्रैवल वाउचर देने की घोषणा की है जो फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से हवाई अड्डों पर घंटों तक फंसे रहे और भारी भीड़ के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे. इन वाउचर्स का इस्तेमाल वे अगले 12 महीनों में किसी भी इंडिगो फ्लाइट की टिकट लेने के लिए कर सकते हैं. इंडिगो ने साफल किया है कि यह मुआवज़ा सरकारी दिशानिर्देशों के तहत दिए जाने वाले मुआवज़े के अतिरिक्त होगा. नियमों के अनुसार, जिन ग्राहकों की उड़ानें निर्धारित प्रस्थान समय से 24 घंटे के भीतर रद्द हुईं, उन्हें उड़ान की ब्लॉक टाइम के आधार पर 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवज़ा दिया जाएगा.एयरपोर्ट पर इन समस्याओं का कोई हल नहीं दिखा। सिर्फ केंद्र सरकार की तरफ से इंडिगो के लिए एक निर्देश जारी हुआ, जिसमें कंपनी को रद्द हुई फ्लाइट्स के यात्रियों को जल्द से जल्द रिफंड मुहैया कराने के लिए कहा गया। इसके लिए समयसीमा भी तय कर दी गई और महज तीन दिन में इंडिगो ने करीब 800 करोड़ से ज्यादा की राशि यात्रियों को लौटा दी। लेकिन इससे यात्रियों के एयरपोर्ट तक आने का खर्च, उड़ानें रद्द होने या लेट होने से उनकी मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा शामिल नहीं था। न ही हवाई अड्डे पर उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की कमी को लेकर इंडिगो एयरलाइंस की कोई जिम्मेदारी तय की गई। भारत में हवाई यात्रियों के अधिकारों को लेकर नियम तय करने का जिम्मा नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) का है। डीजीसीए की तरफ से नागर विमानन जरूरतों (सीएआर) के तहत इन नियमों की एक शृंखला दी गई है। इसके सेक्शन 3, सीरीज एम, पार्ट-4 में यात्रियों के अधिकारों से जुड़े नियम मौजूद हैं। इसका शीर्षक है- ‘बोर्डिंग से इनकार करने, फ्लाइट रद्द होने या देरी से उड़ान भरने की स्थिति में एयरलाइंस की तरफ से यात्रियों को मुहैया कराई जाने वाली सुविधाएं।’ इन नियमों की आखिरी बार जनवरी 2023 में समीक्षा की गई थी। इन नियमों के तहत एयरलाइंस पर यात्रियों को मुआवजा या सुविधाएं सिर्फ विशेष परिस्थिति में मुहैया कराई जाती हैं। यह विशेष परिस्थितियां इस बात पर निर्भर करती हैं कि एयरलाइन कंपनी ने यात्री को फ्लाइट के रद्द होने की जानकारी कब दी। डीजीसीए के सीएआर नियमों के खंड 3.3.2 के मुताबिक, अगर हवाई यात्री को उनकी फ्लाइट के रद्द होने की जानकारी तय समयसीमा में नहीं दी जाती तो उन्हें मुआवजा मुहैया कराना होगा। हालांकि, इसके लिए भी कुछ वर्ग बनाए गए हैं।




