छठ पर्व का तीसरा दिन: संध्या अर्घ्य


जमशेदपुर:छठ पूजा का पर्व बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के तीसरे दिन अस्तगामी यानी डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.छठ महापर्व के तीसरे दिन (जो इस वर्ष 27 अक्टूबर को है) व्रती महिलाएं शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी। यह ‘संध्या अर्घ्य’ कहलाता है और इसका महत्व जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करना है। इसके बाद अगले दिन (28 अक्टूबर) उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जिसके बाद व्रत का पारण होगा।छठ पूजा के दौरान डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का मुख्य कारण यह है कि यह जीवन के उतार-चढ़ाव और संतुलन को दर्शाता है, यह एक नई शुरुआत और मेहनत व तपस्या के फल की प्राप्ति का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय सूर्य अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ होते हैं, इसलिए इस समय पूजा करने से जीवन में आ रही समस्याएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि आती है.




