बुनियादी सुविधाओं से जूझती 20 हजार की आबादी: जेम्को आजाद बस्ती की अधूरी सड़कें, अंधेरे में डूबी गलियां और खतरे बने बिजली के खंभे…

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

लोक आलोक सेंट्रल डेस्क:टेल्को क्षेत्र स्थित जेम्को की आजाद बस्ती में करीब 20 हजार की आबादी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रही है। क्षेत्र में अधूरी सड़कें, बिना स्ट्रीट लाइट, जर्जर बिजली के खंभे, नालियों की बदहाली और गंदगी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही हैं।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

स्थानीय निवासियों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि आधा-अधूरा सड़क निर्माण और धूल से भरे रास्ते जहां दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं, वहीं रात के अंधेरे में महिलाएं और बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं।

बाउंड्री वॉल बना रही है नई मुसीबत

लोगों की नाराजगी जेम्को मैदान की चारों ओर बन रही बाउंड्री वॉल को लेकर भी है। लोगों का कहना है कि इससे उनके घरों का पिछला हिस्सा पूरी तरह बंद हो जाएगा, जिससे पानी निकासी, हवा और आपातकालीन निकास की समस्या उत्पन्न हो सकती है। स्थानीयों की मांग है कि दीवार के बजाय नाली बनाई जाए, जिससे जलजमाव की समस्या दूर हो।

बिजली की हालत गंभीर

बस्ती में कई जर्जर बिजली के खंभे आज भी मौजूद हैं, जिन पर तारों का जाल फैला हुआ है। कई घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरती है, जो किसी भी समय जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है।

स्ट्रीट लाइट का अभाव और बढ़ता असुरक्षा का डर

सड़क किनारे खंभे होने के बावजूद स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। इससे शाम होते ही बस्ती अंधेरे में डूब जाती है। असामाजिक तत्वों का अड्डेबाज़ी करना, नशेड़ी तत्वों की चोरी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं।

See also  रिम्स जमीन घोटाले में बड़ा झटका, बिल्डर की जमानत याचिका खारिज

अधूरी नालियां और सीवरेज सिस्टम

नालियों की हालत भी खस्ता है। कुछ नालियां अधूरी हैं और बिना ढंकी हुई हैं। वहीं, सीवरेज का काम अधूरा होने से गंदा पानी गलियों में बहता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

जेम्को चौक पर जलभराव और भारी वाहन बनते हैं परेशानी का सबब

जेम्को चौक पर हर वक्त पानी भरा रहता है, जिससे आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत होती है। वहीं, मेन रोड पर भारी वाहनों की पार्किंग ने स्थिति और गंभीर कर दी है।

लोगों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को किया पत्राचार

स्थानीय निवासी कई बार विधायक, उपायुक्त और बिजली विभाग को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्रवासी सरकार और प्रशासन से जल्द इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।

आजाद बस्ती के लोग सिर्फ सुविधाओं की नहीं, सुरक्षा और सम्मान की भी मांग कर रहे हैं। बस्ती की समस्याएं अगर जल्द नहीं सुलझाई गईं, तो यह स्थिति किसी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है।

About The Author

Thanks for your Feedback!

You may have missed