झारखंड में 4,468 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब, सरकार ने लागू किया ‘नो अटेंडेंस, नो पे’ नियम


रांची: झारखंड सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाया है। राज्यभर में हुए औचक निरीक्षण के दौरान 4,468 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने “नो अटेंडेंस, नो पे” नियम को सख्ती से लागू करने की घोषणा की है। इस निर्देश के तहत बिना वैध अनुमति अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय जवाबदेही तय करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा की निरंतरता बनाए रखना प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे से उपस्थिति रिकॉर्ड को सीधे वेतन भुगतान से जोड़ा जाएगा। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को केवल उन्हीं दिनों का वेतन मिलेगा, जिन दिनों वे उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज होंगे।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी एसीवीएमएस (ACVMS) प्रणाली पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उन्हें संबंधित दिनों का भुगतान नहीं किया जाएगा। सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर पंजीकरण और उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी जारी रहने पर वेतन कटौती के अलावा अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कदम को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



