बुलंदशहर के कीरतपुर गांव में 20 दिन में 4 मौतें, 100 से ज्‍यादा बुखार से पीड़‍ित,

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बुलंदशहर : बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के थाना छतारी क्षेत्र स्थित कीरतपुर गांव में डेंगू और रहस्यमय बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. पिछले 20 से 25 दिनों में गांव में डेंगू से चौथी मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य बीमारियों से तीन और लोगों की मौत हुई है. यानी सिर्फ तीन हफ्तों में कुल 7 मौतों के बाद गांव में दहशत फैल गई है. ग्राम प्रधान और स्थानीय लोगों के अनुसार, 100 से अधिक ग्रामीण इस समय बुखार से पीड़ित हैं, जिनमें करीब 10 लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. लगातार बढ़ते मामलों ने हालात को चिंताजनक बना दिया है. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
कीरतपुर में हालात इतने गंभीर हैं कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई परिवार अपने बीमार सदस्यों को निजी अस्पतालों में ले जाने को मजबूर हैं, क्योंकि सरकारी स्तर पर राहत और सहायता न के बराबर है. यह आंकड़े बताते हैं कि गांव में संक्रमण न सिर्फ फैल रहा है, बल्कि लगातार घातक भी साबित हो रहा है.मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और ब्लॉक के अधिकारी गांव पहुंचे। इस दौरान सीएचसी पहासू से डॉ. नवीन कुमार शर्मा, डॉ. हर्षिता द्विवेदी, डॉ. पूजा आर्या और अन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे। ब्लॉक से खंड विकास अधिकारी नरेंद्र शर्मा, एडीओ पंचायत सत्यपाल सिंह, सचिव लाखन सिंह और प्रधान विमल राघव भी उपस्थित थे।

डॉ. नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि कीरतपुर गांव में डेंगू के मरीजों की आशंका पर पहले दो बार शिविर लगाकर 100 से अधिक मरीजों की जांच की गई थी, लेकिन एक भी डेंगू का मरीज नहीं मिला। आज भी लगभग 100 मरीजों की जांच की गई, जिसमें तीन संदिग्ध (एन.एस.1) मरीज पाए गए हैं। इनके नमूने जांच के लिए मेरठ भेजे जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गांव में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इलाज किए जाने से डेंगू की अफवाह फैल गई है, जबकि वास्तव में गांव में वायरल फीवर का प्रकोप है।

खंड विकास अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि गांव में साफ-सफाई का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पूरे गांव को स्वच्छ बना दिया जाएगा।

गांव में अभी भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिनमें भावना पुत्री विवेक, अनारकली पत्नी संतोष, सुशील पुत्र दुर्जन सिंह, सावित्री पत्नी सत्यभान, अर्जुन पुत्र वहाल सिंह, कमलेश पत्नी मंटूरी, तारा पत्नी राजूसिंह, संतोष पुत्र रामजीलाल, कंचन पुत्री सोमवीर सिंह, आशु पत्नी कंचन, सोमवीर पुत्र लखपत, सत्यवती पत्नी जगवीर, गुड्डी देवी पत्नी देवकी सिंह, मोनू कुमार पुत्र चंद्रपाल सिंह और दुर्गेश पत्नी अशोक कुमार शामिल हैं।

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