Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु की पत्नी ने खोले ऐसे राज कि हिल गया कॉरपोरेट जगत


Delhi: भारत की टॉप टेक कंपनियों में शुमार जोहो कॉर्पोरेशन के फाउंडर श्रीधर वेम्बु एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बिजनेस उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी 30 साल पुरानी शादी का हाई-प्रोफाइल तलाक विवाद है। अमेरिका में चल रही इस कानूनी लड़ाई ने तब और सनसनी मचा दी, जब एक यूएस कोर्ट ने कथित तौर पर वेम्बु को $1.7 बिलियन (करीब ₹15,000 करोड़) का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया। हालांकि, वेम्बु के वकील ने इसे अपील के दायरे में बताया है।श्रीधर वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुआ था. उन्होंने IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से एमएस और पीएचडी पूरी की. करियर की शुरुआत उन्होंने अमेरिका में Qualcomm जैसी कंपनी से की.

1996 में अपने भाइयों और दोस्त टोनी थॉमस के साथ उन्होंने AdventNet नाम की कंपनी बनाई, जो आगे चलकर Zoho Corporation बनी. आज Zoho दुनिया की बड़ी SaaS कंपनियों में गिनी जाती है और पूरी तरह बूटस्ट्रैप्ड है, यानी इसमें कोई बाहरी निवेशक नहीं है. Forbes के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति लगभग 5.8 बिलियन डॉलर है और उन्हें 2021 में पद्मश्री भी मिल चुका है.प्रमिला श्रीनिवासन सिर्फ एक अरबपति की पूर्व पत्नी नहीं हैं, बल्कि शिक्षाविद, टेक लीडर और समाजसेवी भी हैं. उनके पास इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी है. उन्होंने Medicalmine Inc नाम की हेल्थकेयर टेक कंपनी की स्थापना की और The Brain Foundation नामक संस्था भी चलाती हैं, जो ऑटिज्म से जुड़े रिसर्च और सपोर्ट पर काम करती है.2021 में प्रमिला ने अमेरिका में तलाक की अर्जी दी. उनका आरोप था कि 2020 में वेम्बू भारत लौट आए और उन्हें और उनके ऑटिज्म से ग्रस्त बेटे को अकेला छोड़ दिया. उन्होंने यह भी कहा कि वेम्बू ने Zoho की शेयर और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अपनी बहन राधा वेम्बू को ट्रांसफर कर दी ताकि प्रमिला को वैधानिक हिस्सेदारी न मिले.
श्रीधर वेम्बू ने इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ऑटिज्म के कारण परिवार पर मानसिक दबाव था, जिसकी वजह से शादी टूट गई. उनके वकील ने भी कोर्ट में प्रमिला के वकीलों के दावे को बेबुनियाद बताया.



