योगी सरकार ने राज्य-कर विभाग के 3 वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड किया


उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने आज तीन वरिष्ठ राज्य-कर अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। इनमें शामिल हैं — लखनऊ में तैनात अपर आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और एक अन्य उपायुक्त।

आरोप है कि इन अधिकारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दायरे में करीब पाँच करोड़ रुपये का कथित घोटाला किया — बिना माल भेजे ई-वे बिल बनाकर टैक्स क्लेम पास कराया गया। जांच में पाया गया कि गुबाजील फर्मों द्वारा बिल्ड-टू व शिप्ड-टू के माध्यम से सिर्फ कागज़ों पर माल भेजा गया दिखाया गया, लेकिन असल में माल नहीं था, जबकि अधिकारियों ने ITC क्लेम की मंजूरी दे दी।
विशेष अनुसंधान शाखा की जांच में यह भी सामने आया कि जब उन वाहनों को फैक्ट्री गेट पर पहुंचने के बाद भी सत्यापन के लिए नहीं बुलाया गया, और कंट्रोल रजिस्टर या सीसीटीवी फुटेज की मांग नहीं की गई। स्टॉक रजिस्टर की अनुपस्थिति में 3.57 करोड़ रुपये का स्टॉक मान लिया गया, और उस पर यूज़र को कुल 44.87 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बावजूद क्लेम पास हो गया और ITC का भारी लाभ फर्म को दे दिया गया।
इन घटनाओं के मद्देनज़र, प्रशासन ने तीनों अधिकारियों को सस्पेंड किया है। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख का उदाहरण है, और आगे विभागीय जांच के बाद तय किया जाएगा कि अन्य दोषी अधिकारी या फर्मों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।
इस कदम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार या टैक्स फर्जीवाड़े में शामिल किसी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा — चाहे वह उच्च पद पर ही क्यों न हो।



