इथोपिया से भारत पहुंची ज्वालामुखी की राख,उड़ानें प्रभावित; DGCA ने जारी की एडवाइजरी


इथोपिया: भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने कहा है कि इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने से निकला राख का गुबार चीन की ओर बढ़ रहा है और मंगलवार, 25 नवंबर की शाम साढ़े सात बजे तक भारत से दूर चला जाएगा. दरअसल इथियोपिया में हाल में हुए हेली गुब्बी ज्वालामुखी विस्फोट से उत्पन्न राख के गुबार ने सोमवार को भारत में उड़ान संचालन को प्रभावित किया है. एअर इंडिया ने सोमवार को सात अंतरराष्ट्रीय उड़ान निरस्त करने के बाद मंगलवार को चार घरेलू उड़ानों को भी रद्द कर दिया है.बता दें कि हैली गुबी ज्वालामुखी रविवार को लगभग 12,000 साल बाद फटा है। विस्फोट में उठी राख रेड सी पार करती हुई यमन, ओमान होती हुई अब अरब सागर और उत्तर भारत की ओर बढ़ गई। राख के घने हिस्से अब दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के ऊपर से गुजर रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि राख बहुत ऊंचाई पर है, इसलिए जमीन पर वायु गुणवत्ता बिगड़ने की संभावना कम है। फिर भी निगरानी जारी है।

एअर इंडिया ने सोमवार से अपनी कम से कम 11 उड़ानों को निरस्त कर दिया और उन विमानों पर नजर रख रही है जो इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट से उठे राख के गुबार वाले स्थानों के ऊपर से गुजरीं. एअर इंडिया ने कहा कि उसने मंगलवार को चार उड़ानें निरस्त कर दी हैं जिनमें एआई 2822 (चेन्नई-मुंबई), एआई 2466 (हैदराबाद-दिल्ली), एआई 2444 / 2445 (मुंबई-हैदराबाद-मुंबई) और एआई 2471 / 2472 (मुंबई-कोलकाता-मुंबई) शामिल हैं.सोमवार को एअर इंडिया ने सात अंतरराष्ट्रीय उड़ानें निरस्त कर दी थीं. इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर की ओर से वर्तमान परिस्थिति पर कोई ताजा जानकारी नहीं मिली है.विशाल राख के गुबार के असर से बचने के लिए अकासा एयरलाइंस ने 24 और 25 नवंबर को जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने यात्रियों को पूरा पैसा वापस या सात दिन के भीतर मुफ्त रि-बुकिंग का विकल्प दिया है।एयरलाइन ने उड़ानों के रद्द होने को लेकर बयान जारी कर बताया कि विस्फोट से उठी राख ने प्रभावित मार्गों पर सुरक्षित उड़ान की स्थिति बिगाड़ी। इसी तरह से इंडिगो ने भी अपने कुछ उड़ानों को रद्द किया या रूट बदलकर संचालित किया। उदाहरण के लिए, इंडिगो की कन्नूर-अबू धाबी फ्लाइट (6E1433) को राख के नजदीक आने पर अहमदाबाद मोड़ दिया गया।मामले में डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को सख्त निर्देश दिए हैं। डीजीसीए ने कहा कि राख वाले इलाकों और ऊंचाइयों से उड़ानें न भरी जाएं। एयरलाइनों को उड़ान मार्ग और ईंधन की योजना बदलने, किसी भी संदिग्ध राख-संबंधी घटना जैसे इंजन में समस्या या केबिन में धुआं या गंध की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
डीजीसीए की एडवाइजरी में एयरपोर्ट्स को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए है। इसके तहत एयरपोर्ट्स को भी रनवे, टैक्सीवे और एप्रन पर राख की जांच करनी होगी और जरूरत पड़ने पर संचालन रोकना होगा। इसके साथ ही एयरलाइनों और एयरपोर्ट्स को सैटेलाइट तस्वीरों और मौसम विभाग से लगातार अपडेट लेने की सलाह दी गई है।



