अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को डुबोया, समुद्र में 87 नाविकों की मौत


कोलंबो : भारतीय महासागर के पास श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास एक भयावह घटना में अमेरिकी सैन्य पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को टारपीडो से निशाना बनाया और डुबो दिया। इस हमले में कम से कम 87 नाविकों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं। घटना 4 मार्च 2026 की सुबह हुई, जब यह जहाज अपने देश लौट रहा था। ईरान की नौसेना के इस युद्धपोत पर लगभग 180 लोग सवार थे। हमले से पहले जहाज ने मदद का इशारा किया, लेकिन भारी विस्फोट के तुरंत बाद यह समुद्र में डूब गया।अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह हमला अमेरिका की पनडुब्बी ने किया था और इसी कारण जहाज डूब गया। उन्होंने इसे युद्ध की कार्रवाई का हिस्सा बताया।

श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अब तक 32 नाविकों को बचा लिया गया है और उन्हें गाले के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। घायल कुछ नाविकों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बचाव दल अब भी अन्य लापता लोगों की तलाश में जुटा है।यह ईरानी युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था और वहीं से वापस लौट रहा था। इसे मौज क्लास फ्रिगेट के तौर पर जाना जाता था और यह मिसाइल, तोप तथा अन्य हथियारों से लैस था।हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय जल में हुआ। वैश्विक समुदाय में सुरक्षा और समुद्री मानकों को लेकर चिंता बढ़ गई है।



