अंबाजी में जंगल की जमीन को लेकर बवाल, पुलिस इंस्पेक्टर तीर लगने से घायल,


गुजरात : बनासकांठा के मशहूर तीर्थस्थल अंबाजी के पास गब्बर रोड पर पत्थरबाजी की एक गंभीर घटना सामने आई है। अंबाजी के पडलिया गांव में फॉरेस्ट की जमीन को लेकर स्थानीय लोगों और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के बीच तनाव पैदा हो गया, जो बाद में हिंसक हो गया। स्थानीय लोगों के फॉरेस्ट अधिकारियों पर पत्थरबाजी करने से हालात तनावपूर्ण हो गए। फॉरेस्ट अधिकारियों पर पत्थरबाजी के बाद भगदड़ मच गई।
घटना की खबर मिलते ही अंबाजी पुलिस और दूसरी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पत्थरबाजी में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और पुलिस के कई कर्मचारी घायल हो गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।पडलिया गांव में फॉरेस्ट कर्मचारियों पर हमले की सूचना मिलने के बाद अंबाजी पुलिस इंस्पेक्टर आरबी गोहिल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान उग्र भीड़ ने उन पर तीरों से हमला कर दिया। एक तीर उनके कान में लग गया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गए। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को पालनपुर सिविल अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पालनपुर विधायक अनिकेत ठाकर अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए बेहतर इलाज के निर्देश दिए।पुलिस के मुताबिक, पडलिया गांव में करीब 1000 से अधिक लोगों की भीड़ ने वन विभाग और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर पत्थरों और तीरों से हमला किया। कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हमलावरों ने वन विभाग के वाहनों में आग लगा दी और सरकारी वाहनों के टायर भी काट दिए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को 50 से अधिक राउंड फायरिंग करनी पड़ी, साथ ही करीब 20 आंसू गैस के गोले दागे गए। गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों को अंबाजी सिविल अस्पताल और पालनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 9 पुलिसकर्मियों को पालनपुर रेफर किया गया हैबनासकांठा के जिला कलेक्टर मिहिर पटेल भी अंबाजी पहुंचे और सिविल अस्पताल में घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। कलेक्टर ने कहा कि यह हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित प्रतीत होता है और इसमें पत्थरों व तीरों का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।।




