यूजीसी कानून के विरोध में जमशेदपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, शहर बंद की चेतावनी


जमशेदपुर : जमशेदपुर में गुरुवार को सवर्ण समाज ने एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान जमशेदपुर के उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। ब्रह्मर्षि समाज (भूमिहार), ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय समाज और कायस्थ समाज के लोग एक मंच पर नजर आए और केंद्र सरकार के यूजीसी कानून का खुलकर विरोध किया।

प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि इस मुद्दे पर वे आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से पूरे जमशेदपुर को बंद कराने का फैसला ले सकते हैं।
डीसी कार्यालय पर हुए इस प्रदर्शन में विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल रहे। ब्राह्मण समाज से जुड़े पूर्व डीएसपी कमल किशोर, क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष शंभू सिंह और शिवशंकर सिंह, ब्रह्मर्षि समाज के रामनारायण शर्मा, सतीश सिंह और दीपू सिंह, वहीं कायस्थ समाज से अजय श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में लोग मंच पर मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की गई। बताया गया कि यूजीसी कानून के मुद्दे पर यह झारखंड का पहला संगठित आंदोलन है। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से सभी समाजों ने अपने-अपने स्तर पर विरोध दर्ज कराया और आंदोलन को लगातार जारी रखने की बात कही। लंबे समय बाद सवर्ण समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ नजर आए, जिससे डीसी कार्यालय के सामने कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
इस प्रदर्शन में युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और हर वर्ग के लोग शामिल रहे। पूरे जमशेदपुर से बड़ी संख्या में लोग इसमें पहुंचे थे। आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार को दोपहर तीन बजे बिष्टुपुर स्थित लक्ष्मीनाथ परमहंस गोस्वामी मंदिर में बैठक आयोजित की जाएगी।



