पेंशन विवाद पर उपेंद्र कुशवाहा की सफाई


दिल्ली : आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत इस बात का खुलासा हुआ है कि बिहार और केंद्र सरकार के कई नेता एक साथ वेतन और पेंशन ले रहे हैं। जिसमें 8 नाम शामिल हैं। उनमें राज्यसभा सांसद और रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा का भी नाम शामिल है। जिस पर अब RLM चीफ ने सफाई दी है। उन्होने इस खुलासे को बेबुनियाद और तथ्य से परे बताया है। आठ नेताओं में केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे और बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, देवेश चंद्र ठाकुर, ललन कुमार सर्राफ, नितीश मिश्रा और संजय सिंह शामिल हैं।उपेंद्र कुशवाहा ने एक्स पर लिखा कि बिहार विधानसभा/विधान परिषद के कुछ पूर्व सदस्यों के द्वारा पेंशन लेने के बारे में मीडिया में अत्यंत ही बेबुनियाद और तथ्य से परे खबरें प्रकाशित/प्रसारित की जा रही है।उपेंद्र कुशवाहा ने एक्स पर लिखा कि बिहार विधानसभा/विधान परिषद के कुछ पूर्व सदस्यों के द्वारा पेंशन लेने के बारे में मीडिया में अत्यंत ही बेबुनियाद और तथ्य से परे खबरें प्रकाशित/प्रसारित की जा रही है।सूचना के अधिकार के तहत दी गई एक अधूरी जानकारी को खबर का आधार बनाया गया है। उक्त सूची में मेरा नाम भी शामिल है। अतएव मैं अपने बारे में सच्चाई से अवगत करवाना चाहता हूं, जो इस प्रकार है :-उक्त पत्र में पेंशन शुरू किए जाने की तारीख बताई गई है। तब से लेकर अबतक कब, किसने और कितनी पेंशन की राशि ली, इसका कोई ब्योरा नहीं दिया गया है।मैं अपने बारे में बताना चाहता हूं कि शुरुआत से लेकर अबतक, जब किसी सदन का सदस्य नहीं रहा हूं। सिर्फ उस कालावधि में मैंने पेंशन ली है।सदन में रहते हुए सिर्फ वहां से मैंने वेतन लिया है। उस अवधि में पेंशन लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। जाहिर है आज मैं राज्यसभा का सदस्य हूं।अतः राज्यसभा से वेतन ले रहा हूं। विधानसभा/विधानपरिषद से पेंशन नहीं ले रहा हूं। प्रावधान भी यही है कि आप एक साथ किसी सदन का वेतन और किसी से पेंशन नहीं ले सकते हैं। इस नियम का मैं भी शत-प्रतिशत पालन कर रहा हूं।




