ट्रंप और जिनपिंग की 6 साल बाद हुई मुलाकात, मिलाया हाथ

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कोरिया : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज 30 अक्टूबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर रहे हैं. दोनों नेताओं की बहुप्रतीक्षित मुलाकात दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में हो रही है.चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि मुलाकात में चीन-अमेरिका संबंधों और समान चिंता वाले मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दक्षिण कोरिया में चीनी नेता के साथ बातचीत को लेकर आशावादी हैं.ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह दोनों पक्षों के लिए एक अच्छा समझौता कर सकते हैं.दोनों नेताओं का दक्षिण कोरिया के स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे मुलाकात का कार्यक्रम है. इस मुलाकात में वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स और टैरिफ पर किसी समझौते पर पहुंचने की उम्मीद है.साउथ कोरिया के बुसान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की लंबे इंतजार वाली मुलाकात पर दुनिया की नजरें टिकी हैं. एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) समिट के इतर होने वाली इस बैठक में दोनों महाशक्तियों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों को सुधारने की कोशिश होगी. ट्रेड टैरिफ पर बड़े फैसले की उम्मीद है. उम्मीद है कि अमेरिका और चीन के बीच तकरार में भी कमी आएगी. बहरहाल, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच यह बैठक क्यों अहम है, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की आज हो रही बैठक के नतीजे से अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार खत्म होने की गुंजाइश बढ़ेगी. यह बैठक वैसे भी 6 साल बाद हो रही है.डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक से अगर अच्छे नतीजे निकलते हैं तो फिर अमेरिका की तरफ से 1 नवंबर से लागू होने वाला 100 प्रतिशत टैरिफ चीन पर लागू नहीं होगा.अमेरिका के साथ ट्रेड वार की लड़ाई में सबसे अधिक ताकत चीन को रेयर अर्थ पर कंट्रोल से मिली है. चीन ने रेयर अर्थ मिनरल के निर्यात पर कंट्रोल को बढ़ाने का फैसला है. डोनाल्ड ट्रंप और जिनपिंग के बीच मुलाकात के बाद इस रेयर अर्थ खनिज के निर्यात पर चीन कंट्रोल नहीं करेगा शायद इस बात की उम्मीद है.डोनाल्ड ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात में ताइवान के मुद्दे पर दोनों देशों का रुख क्या होता है, ये भी सामने आएगा.चीन के साथ अमेरिकी डील से भविष्य में अमेरिका का फोकस भारत पर होगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच ट्रेड बातचीत जारी है.जिनपिंग से मुलाकात के पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ एक बड़े निवेश और टैरिफ समझौते को अंतिम रूप दिया. दक्षिण कोरियाई सरकार के अनुसार, इन निवेशों में 200 अरब डॉलर की नकद राशि और अमेरिकी जहाज निर्माण कार्यों के लिए 150 अरब डॉलर का समर्थन शामिल है. इसके बदले में, ट्रंप द्वारा दक्षिण कोरियाई उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने की उम्मीद है। गुरुवार सुबह ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने दक्षिण कोरिया को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाने की अनुमति दे दी है.

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