योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाएं, इसे जीवनशैली में अपनाएं : डॉ. रमेश कुमार

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जमशेदपुर : आगामी 21 जून 2026 को देश-भर में बारहवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमेश कुमार ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम बनाकर सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि हमारे क्षेत्र में अभी भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। गंभीर बीमारी या बेहतर इलाज के लिए लोगों को अक्सर रांची या पटना जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में योग एक ऐसा माध्यम है जो लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हम लोग पिछले एक दशक से योग दिवस मना रहे हैं, लेकिन अभी भी लोगों के दैनिक जीवन में योग का समावेश पर्याप्त रूप से नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग थोड़ी-सी शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत पास की दवा दुकानों से दवाई ले लेते हैं। कई बार बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन किया जाता है, जिससे शरीर में अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन और आत्मा को भी संतुलित बनाता है।

डॉ. रमेश कुमार ने लोगों से आग्रह किया कि यदि सुबह समय नहीं मिल पाता है, तो शाम को कुछ समय निकालकर योगाभ्यास अवश्य करें। यदि योग दिवस पर होने वाले सामूहिक अभ्यास को ही लोग सप्ताह में कम से कम चार से पांच दिन नियमित रूप से करने लगें, तो वे दवाइयों पर होने वाले अनावश्यक खर्च से भी बच सकते हैं और उनका शरीर अधिक स्वस्थ व ऊर्जावान बना रहेगा।
उन्होंने योग के महत्व को समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार गुड़ का स्वाद केवल उसे खाकर ही जाना जा सकता है, उसी प्रकार योग के लाभ भी तभी महसूस होते हैं जब इसे नियमित रूप से किया जाए। केवल सुनने या पढ़ने से योग के वास्तविक फायदे का अनुभव नहीं हो सकता।

डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि आज के समय में योग सीखने के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। आसपास के क्षेत्रों में योग प्रशिक्षक, योग केंद्र या मार्गदर्शन देने वाले लोग आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे सही परामर्श लेकर नियमित योगाभ्यास शुरू करें।

अंत में उन्होंने सभी लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाकर वर्ष भर अपनाएं और इसे अपने स्वास्थ्य का आधार बनाएं। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है।

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