रुपुषकुंडी के संन्यासी पीठ में तीन दिवसीय पूजा-मेला शुरू, तीन राज्यों से उमड़े श्रद्धालु


चकुलिया : चकुलिया प्रखंड के रुपुषकुंडी गांव में देव नदी के तट पर स्थित संन्यासी पीठ में गुरुवार से तीन दिवसीय पूजा सह मेला का शुभारंभ हुआ। यह स्थल झारखंड, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के त्रिवेणी संगम क्षेत्र में प्रकृति की सुरम्य गोद में स्थित है। पूजा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

धर्म, अध्यात्म, विश्वास, त्याग और भक्ति के प्रतीक संन्यासी देव की विधिवत पूजा पुजारी अमल नायक द्वारा भक्ति भाव से की गई। पूजा के दौरान तीनों राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के उपरांत कीर्तन मंडली द्वारा भजन-कीर्तन किया गया, जबकि शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी की गई।
पूजा के प्रथम दिन कार्यक्रम में राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी भी शामिल हुए। उन्होंने संन्यासी पीठ में पूजा कर क्षेत्रवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद उन्होंने जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया और सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
आयोजन समिति के अनुसार 16 जनवरी को संन्यासी देव की विशेष पूजा की जाएगी और शाम में बंग्ला यात्रा का आयोजन होगा। वहीं 17 जनवरी को पूजा के पश्चात भारत सेवाश्रम संघ के प्रतिष्ठित संत स्वामी प्रणवानंद जी की स्मृति में मानुषमुड़िया दुर्गा वाटिका से संन्यासी पीठ तक गाजे-बाजे के साथ भव्य धार्मिक शोभायात्रा निकाली जाएगी।
इसके बाद हिंदू धर्म शिक्षा संस्कृति सम्मेलन, वैदिक विश्व शांति यज्ञ, पूजा-आरती, कंबल वितरण तथा भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
इस तीन दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष चंडी चरण साधु सहित दीनबंधु दे, लालटु घटुआरी, केशव चंद्र घटुआरी, संतोष दे, अभि घटुआरी, आलोक दे, कार्तिकेश्वर दे, ससधर नायक, रंजीत नायक, बुद्धदेव साधु, दुखीराम दे, राजू साधु, रथ दे, गिरीश दे, विष्णु नायक, लोकेश साधु समेत अन्य सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा है।



