अवैध निर्माण का विरोध करने पर जान से मारने की दी धमकी, साकची महिला थाने में शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं, रिसिविंग देने से भी आना-कानी

0
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर । इन दिनों शहर के किसी भी थाने में किसी तरह की शिकायत का आवेदन लेकर चले जाएं. तब वहां से रिसिविंग नहीं दिया जाता है. पुलिस चुपचाप आवेदन तो रख लेती है, लेकिन रिविसिंग तक नहीं देती है. इस तरह की समस्या सिर्फ आम लोगों की ही नहीं है बल्कि एक पुलिस वाला हो, पत्रकार हो या अधिवक्ता हो. किसी की भी नहीं सुनी जाती है. थाने में सुनवाई नहीं होती है. इस तरह का मामला एमजीएम थाना क्षेत्र के बालिगुमा वास्तु विहार सोसायटी से सामने आया है. यहां पर रहने वाली महिलाएं अधिवक्ता नीलम देवी के साथ अपनी शिकायत लेकर पहुंची हुई थी, लेकिन उन्हें रिसिविंग नहीं दिया गया है. इसके बाद किसी तरह की कार्रवाई भी नहीं की गई. इधर-उधर की बातें तक उन्हें चलता कर दिया गया है.

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

सोसायटी की रहने वाली महिलाओं को इन दिनों एक परिवार की ओर से भारी परेशान किया जा रहा है. उनका वीडिया बनाकर गलत तरीके से वायरल कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोसायटी की महिलाएं साकची महिला थाने पर जाकर घटना की लिखित शिकायत की. शिकायत करने वाली महिलाओं का आरोप है कि शिकायत के बाद भी साकची महिला थाने की ओर से किसी तरह की पहल नहीं की जा रही है. इस कारण से आरोपियों का मनोबल बढ़ा हुआ है.

शिकायत में कहा गया है कि सोसायटी की महिलाओं की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दुकान का निर्माण कार्य रूकवा दिया गया है. इसके बाद से ही उन्हें परेशान करने का काम किया जा रहा है. पूरे मामले में आरके सिंह, पुत्र चमन सिंह, चंदन सिंह और आरके सिंह की पत्नी गीता देवी को आरोपी बनाया गया है. कहा गया है कि सभी आरोपी निजी हित के लिए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से क्षति पहुंचाने का काम कर रहे हैं. साकची महिला थाने में सौंपे गए आवेदन में शताब्दी साहू, सविता प्रसाद, हेमलता वर्मा, एम सिंह आदि ने हस्ताक्षर किया है. शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों की ओर से बच्चों के खेल मैदान को ही कब्जाकर उसपर अवैध रूप से दुकान का निर्माण कराया जा रहा है. विरोध करने पर आरोपियों ने कहा है कि दुकान निर्माण में 3 लाख रुपये तक खर्च हो गया है. रकम मिलने के बाद वे काम को बंद कर देंगे. रकम नहीं देने पर उन्हें जान से मार देने की भी धमकी दी जाती है. चोरी छिपे उनका फोटो और वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया है. वीडियो और फोटो पर गलत तरीके से टिप्पणी भी की जाती है. इससे सोसायटी की महिलाओं में खासा आक्रोश है.

Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed