सोना देवी विश्वविद्यालय में सामूहिक रूप से गाया गया राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम”


घाटशिला: राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज सोना देवी विश्वविद्यालय घाटशिला के विवेकानन्द सभागार में सभी विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापकों तथा विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का सामूहिक गान किया. इस मौके पर कुलसचिव डॉ गुलाब सिंह आजाद ने कहा कि यह गीत भारत माता के प्रति सच्ची अभिव्यक्ति है. इसे गाकर मन जोश और उत्साह से भर जाता है. संकल्प शक्ति बढ जाती है. देशभक्ति की भावना बढ जाती है. कुलसचिव डॉ गुलाब सिंह आजाद ने विद्यार्थियों से कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत के माध्यम से स्वतंत्र, एकजुट और समृद्ध भारत का आह्वान किया था. उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि वंदे मातरम की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी ने अक्षय नवमी 7 नवंबर 1875 को की थी और यह गीत भारत की एकता और राष्ट्रीय गौरव का स्थायी प्रतीक बन गया. इस कार्यक्रम का आयोजन सोना देवी विश्वविद्यालय के एनएसएस ईकाई के नोडल पदाधिकारी पतत्रि माली तथा समन्वयक डॉ शिवचन्द्र झा के नेतृत्व में किया गया.




