साझा नागरिक मंच ने पानीपत मजदूर आंदोलन के समर्थन और ईरान पर अमेरिकी आक्रमण के विरोध में सभा की

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जमशेदपुर: आज शाम साझा नागरिक मंच जमशेदपुर की ओर से बिरसा चौक साकची गोलचक्कर पर एक नुक्कड़ प्रदर्शन सह जनसभा की गयी। यह पानीपत में चल रहे मजदूर आंदोलन और ईरान पर हुए अमेरिकी इजरायली हमले को लेकर था। पानीपत में पिछले कई दिनों से आईओसीएल कम्पनी के मजदूर काम के 8 घंटे को लागू करने को लेकर संघर्षरत हैं। साझा नागरिक मंच काम के घंटों को घटाने की आवाज उठाता रहा है। मंच पानीपत के काम के घंटे 8 आंदोलन के समर्थन  में है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त तौर पर ईरान पर हमला बोल दिया। इस हमले में ईरान की सत्ता के अनेक महत्वपूर्ण व्यक्ति और सैकड़ों आम नागरिक मारे गये हैं। साझा नागरिक मंच इस हमले को सारे अंतर्राष्ट्रीय, लोकतांत्रिक और नैतिक मानदंडों का उल्लंघन और साम्राज्यवादी गुंडागर्दी मानता है। और इस हमले के विश्वव्यापी विरोध के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करता है। इन दोनों प्रकरणों में भारत के नरेंद्र मोदी सरकार की भूमिका निंदनीय है। इस सरकार ने अमेरिका और इजराइल की रक्तप्यासी, युद्धोन्मादी आक्रामकता के आगे घुटने टेक दिया है। भारत की सम्मानित युद्धविरोधी स्वतंत्र विदेश नीति को उलट पलट कर रख दिया है।
यह कार्यक्रम युद्ध और लूट के खिलाफ एक सांस्कृतिक आवाहन के रूप में भी व्यक्त हुआ। हम नहीं मानते, तय करो किस ओर हो तुम जैसे गीत गूंजे। इप्टा के बच्चों ने  अपना गीत गाया।
इस मजदूर आंदोलन समर्थक और साम्राज्यवादी युद्ध विरोधी कार्यक्रम में सियाशरण शर्मा, डा. रामकवीन्द्र सिंह, सुजय राय, अरविन्द अंजुम, अर्पिता, राजश्री, अशोक शुभदर्शी, बी एन प्रसाद , बिक्रम झा, तौहीद्दुल हसन, शाहिद अख्तर, हैदर इमाम, शाहिद खान, देवाशीष, मुरारी प्रसाद, शैलेश अस्थाना, श्याम किशोर, रमन कुमार, काशीनाथ प्रजापति, के वी पाई, सुभाषचंद्र, एस के घोषाल, अंकुर शाश्वत, चैतन्य शिरोमणि, जयकिशोर प्रसाद, निशा सिंह,जिया, मंथन आदि शामिल रहे।

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