घर बनवाने के नाम पर पैसे खाओ, धमकी दो – सवाल उठे तो भेजो लीगल नोटिस! वकील विभाष चौधरी की शर्मनाक करतूतों पर लीगल नोटिस का लोक आलोक न्यूज़ का करारा जवाब, अब मुख्य न्यायाधीश से होगी सीधी शिकायत…
वकील विभाष चौधरी


जमशेदपुर/आदित्यपुर : घर बनवाने के नाम पर पैसे वसूलने , गौवंश की तस्करी और अतिक्रमण को संरक्षण देने के आरोपों से घिरे अधिवक्ता विभाष चौधरी अब पूरी तरह से बैकफुट पर आ गए हैं। सच्चाई सामने लाने वाले न्यूज़ पोर्टल लोक आलोक न्यूज के खिलाफ उन्होंने एक लीगल नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने खबरों को ‘अपमानजनक’ और ‘झूठा’ बताया है। लेकिन यह लीगल नोटिस, खुद वकील साहब के रक्षात्मक रवैये को उजागर करता है। नोटिस में विभाष चौधरी ने खुद को एक ईमानदार, प्रैक्टिशनर वकील बताया है और कहा है कि उनके खिलाफ लग रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। लेकिन सवाल ये है कि अगर उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया, तो फिर वह लोक आलोक न्यूज के संपर्क में आकर अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करते? इसके विपरीत, उन्होंने सीधे एक धमकी भरा लीगल नोटिस भेजा जिसमें खबर हटाने, माफी मांगने और मानहानि का दावा किया गया है। लोक आलोक न्यूज ने इस नोटिस का न सिर्फ विधिक रूप से जवाब दिया है, बल्कि समाचार संस्था की ओर से साफ कर दिया गया है कि — “हमारी हर खबर तथ्यों, गवाहों और दस्तावेजी सबूतों पर आधारित है। यदि विभाष चौधरी स्वयं को निर्दोष मानते हैं, तो वे स्वतंत्र जांच का सामना करें — न कि पत्रकारों को लीगल हथियारों से डराने की कोशिश करें।” लोक आलोक न्यूज के संपादक अभिषेक मिश्रा ने यह भी कहा कि उनके पास ऐसे कई साक्ष्य और पीड़ित पक्षों के बयान हैं जो स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि वकील विभाष चौधरी की भूमिका संदिग्ध है। लोक आलोक न्यूज की टीम ने अब यह निर्णय लिया है कि पूरे मामले को लेकर एक विस्तृत शिकायत पत्र झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा। लोक आलोक न्यूज़ टीम का कहना है कि – “पत्रकारिता को दबाने की कोशिश अगर वकील करने लगें, तो लोकतंत्र पर खतरा आना तय है। हम हर स्तर पर इस मामले को उठाएंगे – ताकि सच्चाई दब न सके।” लोक आलोक न्यूज ने बीते दिन एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें आरोप था कि वकील विभाष चौधरी ने घर बनवाने के नाम पर 21,000 रुपये लिए थे, लेकिन अब अपने गुर्गो द्वारा घर खाली करवाने की धमकी दे रहे है । खास बात यह है कि वकील विभाष चौधरी ने यह कहना शुरू कर दिया है की वो पैसे थाना को दिया है । हालाँकि विश्वशनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वकील साहब पूरा पैसा गटक गये है । लोक आलोक न्यूज़ का ये ऐलान है कि “हम ना बिकेंगे, ना झुकेंगे। सच्चाई चाहे कितनी भी तल्ख हो, हम उसे उजागर करते रहेंगे। और अगर कोई हमें लीगल नोटिस से डराना चाहता है, तो वह भूल जाए कि पत्रकारिता एक मिशन है – ना कि मुनाफे का सौदा।” अब ये मामला न सिर्फ जनजागरण का है, बल्कि प्रेस की आज़ादी और न्यायिक संस्थाओं की साख से भी जुड़ चुका है। और अब लोक आलोक न्यूज़ के तरफ से वकील विभाष चौधरी और उनके संरक्षण में हो रही गतिविधियों का पूरा सच दस्तावेज़ी रूप में सार्वजनिक किया जाएगा।




