मधुर-मधुर नाम, सीताराम-सीताराम : रामकथा के चौथे दिन राम जन्मोत्सव प्रसंग पर झूमी श्रद्धालु महिलाएं, विश्वामित्र साथ ले गए राक्षसों के नाश करवाने : मंदाकिनी मां

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Saraikela :रामकथा के चौथे दिन रामकथा में प्रवचनकर्ता मंदाकिनी मां ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव प्रसंग को सुनाया. जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्त हृदय से झूम उठे. मां मंदाकिनी के साथ श्रद्धालु महिलाएं भी भगवान के जन्म पर सोहर गाने लगी. जन्म के कुछ दिन बाद ही गुरु विश्वामित्र भगवान श्रीराम को अपने साथ ले गए, क्योंकि उन्हें अपने यज्ञ सफल कराने थे, जिस के लिए राक्षसों के नाश करवाने की जरूरत थी. यह कार्य केवल बालक रूप में भगवान श्रीराम ही कर सकते थे. इस प्रसंग को सुनकर राम भक्त आह्लादित हो उठे. बता दें कि इन दिनों हरिओम नगर स्थित कलश रूपी शिव काली मंदिर में 15 जनवरी से रामकथा का आयोजन हो रहा है जिसमें धर्मानुरागी भक्तों की भारी भीड़ लग रही है. इस मंदिर के 15वें स्थापना दिवस पर हर वर्ष 11 दिवसीय रामकथा सह शत चंडी महायज्ञ का आयोजन होता है. इस वर्ष पहली बार यहां महिला कथा वाचक मंदाकिनी मां को आमंत्रित किया गया है. कथा सुनने वालों में सैंकड़ों महिला और पुरुष शामिल हो रहे हैं. यह रामकथा 23 जनवरी तक आयोजित होगा. रामकथा के साथ धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन भी चल रहा है. इस आयोजन को सफ़ल बनाने में वरिष्ठ नागरिक रविन्द्र नाथ चौबे, समाजसेवी कैलाश पाठक, लक्ष्मी कांत मिश्रा, एस वेणुगोपाल, मनोज आगीवाल, जतन कुमार, अप्पू जी, आर एन प्रसाद, नीतू शर्मा, एसएन मिश्रा, शानू सिंह, मीणा सिंह आदि लगे हुए हैं.

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