पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद की बुनियाद रखने वाले टीएमसी से निलंबित नेता हुमायूं कबीर आज अपनी एक अलग पार्टी का ऐलान करने जा रहे


कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर आज अपनी अलग पार्टी का ऐलान करने जा रहे हैं. हुमायूं कबीर ने चुनाव आयोग के पास चुनाव चिह्न की लिस्ट भी भेज दी है. कबीर की लिस्ट में ‘टेबल’ और ‘दो गुलाब’ (Twin Rose) शामिल है. अगर चुनाव आयोग इन्हें नहीं देता तो वो फिर किसी दूसरे ऑप्शन पर विचार करेंगे. गौरतलब है कि हुमायूं कबीर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 4 दिसंबर को टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद हुमायूं कबीर ने अलग पार्टी बनाने का ऐलान किया. हुमायूं कबीर का कहना है कि वह पश्चिम बंगाल की 180 सीटों पर या फिर जरूरत पड़ने पर सभी 294 सीटों पर अपने उम्मीवार उतारेंगे. पार्टी के चुनाव चिन्ह के लिए भी हुमायूं कबीर ने अपनी इच्छा जाहिर कर दी है. पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव हैं. फिलहाल, उन्होंने पार्टी के नाम को लेकर साफतौर पर कुछ नहीं कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि नाम चाहे जो भी हो, लेकिन उसके साथ कांग्रेस और तृणमूल जैसे शब्द नहीं जुड़े होंगे। उन्होंने कहा, ‘लेकिन बंगाल की जनता खुद को उससे जोड़कर देख सकेगी। मेरी पार्टी जनता का प्रतिनिधित्व करेगी। हमारी पार्टी सिर्फ विकास की बात करेगी।’उन्होंने कहा, ‘अभी हमारा फॉर्मूला मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ तीन सीटें, भारतीय सेक्युलर फ्रंट के साथ एक सीट और अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ नौ सीटें साझा करना है, अगर वे सहमत होते हैं। वरना हमारी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी और सभी 30 सीटें जीतेगी।’ उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में कुल 30 सीटें हैं, जिसके लिए वह माकपा, आईएसएफ और कांग्रेस के साथ गठबंधन की पेशकश करेंगे।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अगर जरूरत पड़ी तो वे पूरे राज्य की सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। कबीर ने कहा, ‘हम मुर्शिदाबाद के लिए एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं, जहां 2026 के चुनाव में टीएमसी का सफाया हो जाएगा।’ रविवार को उन्होंने कहा, ‘मैं 22 दिसंबर को एक नयी राजनीतिक पार्टी की घोषणा करूंगा। मैं उस दिन 75 सदस्यों वाली राज्य समिति की घोषणा करूंगा, जिसमें मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्ष भी शामिल होंगे। इसके बाद, मैं तय करूंगा कि मैं किस पार्टी के साथ गठबंधन करूंगा।




