पत्नी-बेटी के खर्च पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पति की सैलरी से हर महीने सीधे कटेगा गुजारा भत्ता


नई दिल्ली : पत्नी और बेटी के भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने निर्देश दिया कि पति की सैलरी से हर महीने तय रकम सीधे काटकर पत्नी के बैंक खाते में भेजी जाए।मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पति लंबे समय से पत्नी और उनकी छोटी बेटी के खर्च के लिए निर्धारित रकम नहीं दे रहा था। दंपति पिछले कुछ वर्षों से अलग रह रहे हैं और बच्चे की देखभाल पूरी तरह मां कर रही है।सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पति पहले दिए गए आदेशों का भी पालन नहीं कर रहा था और उसने गुजारा भत्ता की राशि का भुगतान नहीं किया। ऐसे में अदालत ने कहा कि पत्नी और बच्चे के हित को देखते हुए अब यह रकम सीधे वेतन से काटी जाएगी।

कोर्ट ने आदेश दिया कि पति के नियोक्ता हर महीने उसकी सैलरी से 25 हजार रुपये काटकर आरटीजीएस के जरिए पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर करें। अदालत ने यह भी कहा कि इस आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए।सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि मजिस्ट्रेट अदालत पहले ही अंतरिम भरण-पोषण का आदेश दे चुकी थी, लेकिन पति ने भुगतान नहीं किया और उस पर बकाया रकम भी बढ़ती गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तय करते हुए निर्देश दिया कि अगली तारीख तक आदेश के पालन की रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। अदालत ने खास तौर पर बच्चे के भविष्य और उसकी देखभाल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।



