अफीम की अवैध खेती पर सख्ती : सरायकेला-खरसावाँ पुलिस ने शुरू किया ‘प्री कल्टीवेशन ड्राइव’ का तीसरा चरण

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आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावाँ पुलिस ने जिले में अफीम की अवैध खेती को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से ‘प्री कल्टीवेशन ड्राइव’ के तीसरे चरण की शुरुआत रविवार (2 नवम्बर 2025) से कर दी है। यह चरण 17 नवम्बर तक चलेगा। इस दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों को अफीम की खेती न करने की शपथ दिलाई जा रही है और वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशन में चलाया जा रहा है। एसपी की पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में नशा उन्मूलन और रोजगारोन्मुखी खेती की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
अवैध खेती पर लगाम, वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा
पुलिस के अनुसार, बीते फसलीय वर्ष 2024-25 में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 678.96 एकड़ भूमि में अफीम की अवैध खेती का विनष्टीकरण किया गया था।
कुचाई, खरसावाँ, कांड्रा, चौका और ईचागढ़ थाना क्षेत्र अफीम की खेती से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं।
इस वर्ष पुलिस ने ऐसी संभावना को “नगण्य करने” का लक्ष्य रखा है।
अभियान के प्रमुख बिंदु
•प्रभावित क्षेत्रों में थाना प्रभारी, सीओ, बीडीओ, वन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम पंचायतवार जागरूकता अभियान चला रही है।
•हर सप्ताह एसपी/एसडीपीओ के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, मुखिया, ग्राम प्रधान, मानकी-मुंडा आदि के साथ बैठकें हो रही हैं।
•NDPS अधिनियम की कानूनी धाराओं और दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।
•विद्यालयों व सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शपथ कार्यक्रम और रैली निकाली जा रही है।
•पिछले वर्ष जिन क्षेत्रों में खेती नष्ट की गई थी, वहां भौतिक सत्यापन किया जा रहा है ताकि दोबारा अफीम की बुवाई न हो।
•ग्रामीणों को यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति फिर से अवैध खेती करेगा, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले दिन कई गांवों में चला अभियान
अभियान के पहले दिन रविवार को
– कुचाई थाना क्षेत्र के जोड़ा सरजोम गांव,
– दलभंगा ओपी क्षेत्र के दलभंगा बाजार,
– खरसावाँ थाना क्षेत्र के नन्दुडीह गांव,
– चौका थाना के रेयारदा गांव, तथा
– ईचागढ़ थाना के डुमटांड गांव में
जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संबंधित थाना प्रभारी एवं अधिकारियों ने स्थानीय भाषा में ग्रामीणों को अफीम की खेती के दुष्परिणाम और कानूनी सज़ा के बारे में बताया। साथ ही लोगों को वैकल्पिक खेती और पशुपालन के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों को आपात स्थिति में डायल-112 की जानकारी भी दी गई।
एसपी की पहल को ग्रामीणों का समर्थन
एसपी सरायकेला-खरसावाँ के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान सकारात्मक और जनहितकारी प्रयास साबित हो रहा है।
पुलिस की यह पहल न केवल अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने की दिशा में कारगर है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और नशामुक्त समाज की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
“अभियान का उद्देश्य केवल अवैध खेती पर रोक नहीं, बल्कि किसानों को वैकल्पिक आजीविका से जोड़ना भी है। मुकेश कुमार लुनायत,  पुलिस अधीक्षक, सरायकेला।
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