रूस ने भारतीय छात्रों के लिए की स्कॉलरशिप की शुरुआत


रूस: रूस की सरकार ने भारत के साथ अपनी दोस्ती और रिश्तों को मजबूत करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत रूसी सरकार ने भारतीय स्टूडेंट्स के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए साल 2026-27 के एकेडेमिक सेशन के लिए अपनी सरकारी स्कॉलरशिप स्कीम के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस स्कॉलरशिप की मदद से भारतीय छात्र रूस के सभी बड़े विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर सकते हैं, जो भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत की बात है क्योंकि रूस में तकरीबन 31,000 भारतीय स्टूडेंट्स हायर एजुकेशन प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें सबसे बड़ी संख्या उन छात्रों की है जो MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. रूस की कई यूनिवर्सिटीज इस स्कॉलरशिप स्कीम के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर रही हैं.हायर एजुकेशन के लिए रूस एक पॉपुलर डेस्टिनेशन है। रूस की पहचान भारत के दोस्त के तौर पर होती है। दोनों के संबंध सात दशक से ज्यादा पुराने हैं। यही वजह है कि यहां पर हर साल हजारों की संख्या में भारतीय डिग्री लेने जाते हैं। फिलहाल यहां पर 30 हजार से ज्यादा भारतीय पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें एक बड़ी संख्या उन स्टूडेंट्स की है, जो यहां पर MBBS की पढ़ाई के लिए गए हैं। रूस मेडिकल एजुकेशन के लिए एक पॉपुलर डेस्टिनेशन बन चुका है।भारतीय छात्र रूस में स्कॉलरशिप पर बैचलर्स, मास्टर्स और एमफिल जैसे प्रोग्राम की पढ़ाई कर सकते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि अडवांस ट्रेनिंग कोर्सेज की पढ़ाई के लिए भी स्कॉलरशिप दी जा रही है। मेडिसिन (MBBS), फार्मेसी, इंजीनियरिंग (B.Tech), आर्किटेक्चर, एग्रिकल्चर, मैनेजमेंट, इकोनॉमिक्स, ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज, मैथ्स, स्पेस, एविएशन, स्पॉर्ट्स और आर्ट्स जैसे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप दी जा रही है।रूस ने ऐलान किया है कि मेडिसिन समेत कई सारे प्रोग्राम की पढ़ाई अंग्रेजी में करवाई जाएगी। इस तरह छात्रों को रूसी भाषा आने की भी जरूरत नहीं है। जो भी रूसी भाषा नहीं जानते हैं, वह यहां आने पर इसका एक साल का कोर्स कर सकते हैं। भाषा सीखने के बाद स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई की शुरुआत कर सकते हैं।स्कॉलरशिप पाने के लिए स्टूडेंट्स को किसी तरह का एंट्रेंस एग्जाम देने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय स्टूडेंट्स को दो पैमानों पर परखा जाएगा। स्टूडेंट्स ने पिछली क्लास में औसतन कितने नंबर हासिल किए और एक पोर्टफोलिया, जिसमें साइंटिफिक पब्लिकेशन, यूनिवर्सिटी अधिकारियों के लेटर ऑफ रिकमेंडेशन और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं व ओलंपियाड के सर्टिफिकेट शामिल हो सकते हैं। एक बार में 6 यूनिवर्सिटीज को अपनी प्राथमिकता के आधार पर चुना जा सकता है, लेकिन एडमिशन इस बात पर निर्भर होगा कि उनमें से कौन सा संस्थान छात्र को लेकर दिलचस्पी दिखा रहा है। अगर आप भी ये स्कॉलरशिप पाना चाहते हैं तो आपको education-in-russia.com पर जाना होगा।




