लाल किला कार धमाका: आरोपी डॉक्टर उमर की पहचान पुख्ता, जांच में ‘TATP’ जैसे खतरनाक विस्फोटक के इस्तेमाल के संकेत


दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला क्षेत्र के पास हुई कार विस्फोट की घटना की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। जांच एजेंसियों ने डीएनए परीक्षण के आधार पर पुष्टि कर दी है कि कार चलाने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी ही था। घटना में तेज़ धमाका उस समय हुआ जब कार सड़क किनारे खड़ी थी। इस विस्फोट में कई लोग घायल हुए थे और आसपास का क्षेत्र तुरंत सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

फोरेंसिक टीम ने प्राथमिक जांच में यह संकेत पाया है कि धमाके में TATP (Triacetone Triperoxide) जैसे अत्यंत अस्थिर और खतरनाक विस्फोटक का उपयोग किया गया हो सकता है। यह वही विस्फोटक है जिसे आतंकियों द्वारा “मदर ऑफ सैटन” के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह मामूली झटके या तापमान-परिवर्तन से भी फट सकता है।
जांच के दौरान एजेंसियों ने कार के अंदर से एक जूता भी बरामद किया है, जिसमें मेटल-ट्रिगर जैसी संरचना पाई गई। यही कारण है कि जांचकर्ता इसे संभावित “शू-बॉम्ब मैकेनिज़्म” मानकर गहराई से परीक्षण कर रहे हैं।
इसके अलावा फोरेंसिक विश्लेषण में यह भी संकेत मिले हैं कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट जैसे रासायनिक पदार्थ का भी प्रयोग हुआ है, जिससे विस्फोट की तीव्रता कई गुना बढ़ जाती है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित योजना हो सकती है—जिसमें समय, स्थान और विस्फोटक का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया गया हो सकता है।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। संदिग्ध व्यक्तियों, केमिकल सप्लाई चैन और डिजिटल संपर्कों की विस्तृत जांच चल रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाई-अलर्ट जारी कर दिया गया है और सभी संवेदनशील इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी गई है।



