पूर्वी सिंहभूम में 20 हजार निष्क्रिय राशन कार्डधारकों के नाम हटाने की तैयारी, वितरण प्रणाली होगी मजबूत


जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला खाद्य आपूर्ति विभाग खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विभाग ने ऐसे करीब 20,000 राशन कार्डधारकों की पहचान की है, जिन्होंने पिछले छह महीनों से लेकर एक वर्ष तक मुफ्त राशन का उठाव नहीं किया है। इनमें से अधिकांश कार्डधारक शहरी क्षेत्रों से बताए जा रहे हैं।

विभाग ने सभी पीडीएस डीलरों से रिपोर्ट तलब की है। अंतिम सत्यापन के बाद इन निष्क्रिय कार्डधारकों के नाम राशन सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे वास्तविक लाभुकों तक समय पर और सुचारू रूप से खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिलेगी।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में जिले में कुल 4,20,117 राशन कार्डधारक थे। इनमें से लगभग 90.89 प्रतिशत कार्डधारकों को ही खाद्यान्न मिल सका, जबकि करीब 41,000 कार्डधारकों ने उस माह राशन नहीं लिया। यह आंकड़े जिले के सभी 11 प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों—जेएनएसी, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और गोलमुरी-सह-जुगसलाई—को शामिल करते हैं।
विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि शहरी इलाकों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही। जनवरी माह में शहरी क्षेत्रों में लगभग 15 प्रतिशत कार्डधारकों ने राशन का उठाव नहीं किया, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा करीब 8 प्रतिशत रहा।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फिकार अंसारी ने बताया कि निष्क्रिय कार्डधारकों की पहचान विभाग की प्राथमिकता है। करीब 20 हजार नाम हटाए जाने से जिले की वितरण दक्षता में सुधार होगा और सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि तेज वितरण प्रयासों के चलते राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग में सुधार हुआ है। दिसंबर 2025 में जहां पूर्वी सिंहभूम 24वें स्थान पर था, वहीं जनवरी 2026 में यह 22वें स्थान पर पहुंच गया है। विभाग का कहना है कि आगे भी वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।



