प्रशांत किशोर ने लिया मौन व्रत — गांधी आश्रम में आत्मनिरीक्षण का फैसला

0
Advertisements
Advertisements

बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव में Jan Suraaj पार्टी की असफलता के बाद, पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने एक दिन का मौन व्रत आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह उपवास गांधी आश्रम में लिया है, जो उनके लिए आत्मनिरीक्षण और प्रायश्चित का प्रतीक माना जा रहा है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

किशोर ने स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी जनता के बीच अपनी बात को सही तरीके से नहीं पहुंचा सकी। वे मानते हैं कि उनका संदेश गहराई से समझाया जाना चाहिए था, लेकिन प्रचार के दौरान यह काम ठीक तरह से नहीं हो पाया। इस व्रत को उन्होंने अपनी जिम्मेदारी उठाने और अपनी गलतियों पर विचार करने के एक कदम के रूप में पेश किया है।

उन्होंने यह भी साफ कहा है कि यह कोई राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि आत्म-विश्लेषण का एक जरिया है। इस दौरान उनके साथ Jan Suraaj के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद हैं, और पार्टी का मानना है कि यह मोड़ उन्हें उनकी रणनीति को फिर से परिभाषित करने में मदद करेगा।

किशोर ने यह अटूट संकल्प व्यक्त किया है कि वे झारखंड और बिहार में अपने अभियान को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि हार से डरने की बजाय, वे और अधिक मेहनत करेंगे और जन सरोकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए “नए संवाद” की शुरुआत करेंगे।

Advertisements
See also  अली खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव ईरानी दूतावास पहुंचकर दर्ज की संवेदना

Thanks for your Feedback!

You may have missed