पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सियासी तूफान — तृणमूल बनाम केंद्र, बहस में जमकर भिड़े नेता


पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर टीवी डिबेट के दौरान प्रदीप भंडारी, स्वयं प्रकाश पुरोहित और शोएब जामई के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता स्वयं प्रकाश पुरोहित ने आरोप लगाया कि “मरे हुए लोगों के वोट से चुनी सरकार अब खुद को जिंदा साबित करने में लगी है।” उन्होंने SIR प्रक्रिया को ‘NRC का पिछला दरवाजा’ करार देते हुए कहा कि यह कदम संविधान के खिलाफ है।
वहीं सत्ता पक्ष के समर्थकों का तर्क है कि यह प्रक्रिया जरूरी है ताकि घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं को सूची से हटाया जा सके और लोकतंत्र को शुद्ध किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की राजनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
SIR प्रक्रिया अब सिर्फ प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला मुद्दा बन गई है।




