सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान ने फिर करवा ली फजीहत,


नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की नहीं खत्म हो रही छटपटाहट पर उसे एक बार फिर से जमकर हड़काया है। पाकिस्तान ने हाल ही में भारत पर फिर से इस संधि को कमतर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। लेकिन, विदेश मंत्री ने उसे ‘दुष्ट पड़ोसी’ कहकर उसकी खूब फजीहत की है। विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि भारत को अपने अधिकारों का इस्तमाल कैसे करना है, यह तय करने का अधिकार भी उसी का है और इसमें कोई नाक घुसेड़ने की कोशिश ना करे।शुक्रवार को आईआईटी मद्रास में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की नेबरहुड पॉलिसी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ‘हमें विभिन्न तरह के पड़ोसियों का सौभाग्य मिला है। दुर्भाग्य से हमें दुष्ट पड़ोसी भी मिले हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर कोई देश जानबूझकर लगातार आतंकवाद में जुटा रहना चाहता है, तो हमें अपने लोगों की रक्षा करने का हक है और हम इसका इस्तेमाल करेंगे। विदेश मंत्री ने कहा, ‘कई साल पहले हमनें पानी साझा करने की व्यवस्था पर सहमति दी थी, क्योंकि इसके पीछे यह विचार था कि इससे सद्भावना का संदेश जाएगा। लेकिन, जब दशकों तक आतंकवाद चलेगा, तो अच्छी पड़ोसदारी भी नहीं रहेगी। पड़ोसी से अच्छे संबंध नहीं हैं, तो आपको उसका फायदा नहीं मिलता। आप यह नहीं कह सकते कि मेरे साथ पानी साझा कीजिए और हम आतंकवाद जारी रखेंगे।’एस जयशंकर ने यह भी कहा है कि भारत की नेबरहुड पॉलिसी कॉमन सेंस से तय होती है। अच्छे पड़ोसियों के साथ भारत निवेश करता है, मदद करता है और शेयर करता है, चाहे वह कोविड के समय वैक्सीन हो,यूक्रेन संघर्ष के दौरान दी गई ईंधन और खाने-पीने की सहायता हो या फिर श्रीलंका को उसके वित्तीय संकट के समय दी गई 4 बिलियन डॉलर की सहायता हो। उन्होंने कहा, ‘हमारे अधिकतर पड़ोसियों को यह समझ है कि भारत की ग्रोथ आज एक बढ़ती हुई धारा की तरह है। अगर भारत आगे बढ़ेगा, तो हमारे सभी पड़ोसी भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगे।22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके अगले ही दिन भारत ने कड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि पर ब्रेक लगा दिया था। भारत और पाकिस्तान के बीच यह समझौता 1960 के दशक में हुआ था और तबसे लेकर पाकिस्तान इसका एक तरह से एकतरफा फायदा उठाता आ रहा था। लेकिन, जैसे ही संधि रुकी उसकी छटपटाहट शुरू हो गई। पाकिस्तान के हुक्कमरानों ने दुनिया भर में अपने आकाओं के सामने रोना शुरू कर दिया।




