“स्वच्छता ही सेवा” अभियान के तहत “एक पेड़ मां के नाम” गतिविधि का हुआ आयोजन

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जमशेदपुर: टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टी एस जेड पी) ने आज अपने नए आकर्षण, प्लेन ज़ेब्राओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की घोषणा की। इन खूबसूरत ज़ेब्राओं को आज जमशेदपुर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) शबा आलम अंसारी ने अस्थायी बाड़े में छोड़ा, जिससे उद्यान के विविध वन्यजीव संग्रह में और इज़ाफा हुआ है। यह आकर्षक ज़ेब्रा अपनी अनूठी उपस्थिति और चंचल स्वभाव से आगंतुकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

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इस आयोजन के दौरान कई विदेशी पक्षियों को भी छोड़ा गया, जिसमें रंग-बिरंगे नीले और पीले मैकाव, गालाह कोकटू और ऑरेंज विंग्ड शामिल हैं। इन अद्वितीय पक्षियों को उड़ाए जाने से आगंतुकों को पक्षियों की विविधता और उनकी खूबसूरती का जीवंत अनुभव करने का अवसर मिला। ये सुंदर प्राणी वन्यजीव प्रेमियों और आम दर्शकों के लिए शिक्षा और मनोरंजन के अनुभव को और भी विशेष बनाएंगे।

इस आयोजन के दौरान, डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर शबा आलम अंसारी ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया और जमशेदपुर के नागरिकों को हरित अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस खास मौके पर, उन्होंने “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के हिस्से के रूप में “एक पेड़ मां के नाम” गतिविधि के तहत एक पेड़ भी लगाया। यह पहल, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी को सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर सम्मानित अतिथियों में कैप्टन अमिताभ, टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के मानद सचिव; डॉ. माणिक पालित, डेप्युटी डायरेक्टर (पशु चिकित्सा); और डॉ. नईम अख्तर, डेप्युटी डायरेक्टर (जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन) शामिल थे।

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कार्यक्रम के दौरान कैप्टन अमिताभ ने डीएफओ का हार्दिक आभार व्यक्त किया और टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की वन्यजीव संरक्षण में भूमिका और लोगों को प्रकृति से जोड़ने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज से नए ज़ेब्रा और विदेशी पक्षियों को जनता के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे आगंतुक इन अद्भुत जीवों की खूबसूरती को निहार सकें। उन्होंने समुदाय से आग्रह किया कि वे इन अद्वितीय जीवों की भव्यता का आनंद लेने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझें, ताकि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और हरित भविष्य सुनिश्चित कर सकें।

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