जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की इग्नू बी.एड प्रोग्राम की कार्यशाला के छठवें दिन इग्नू की समन्वयक डॉ. त्रिपुरा झा ने ‘चिंतनशील डायरी’ और ‘पाठ योजना’ पर संक्षेप में डाला प्रकाश…

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जमशेदपुर:–जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की इग्नू बी.एड प्रोग्राम की कार्यशाला के छठवें दिन इग्नू की समन्वयक डॉ. त्रिपुरा झा ने प्रार्थना सभा के साथ प्रथम सत्र में चारों सत्र का विषय प्रवेश कराते हुए ‘चिंतनशील डायरी’ और ‘पाठ योजना’ पर संक्षेप में प्रकाश डाला

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प्रथम सत्र में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठात्री, डॉ. किश्वर आरा शिक्षार्थियों को प्रेरित करने हेतु प्रार्थना सभा में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने शैक्षिक जीवन के अनुभवों को शिक्षार्थियों संग साझा भी किया। प्रथम और द्वितीय सत्र की संसाधन सेवी रही डॉ. गीता महतो ने शिक्षार्थियों को चिंतनशील डायरी की महत्व के विषय में बताया और बेहतर चिंतनशील डायरी लिखने के नियमों की जानकारी दी।

देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षार्थियों ने कार्यशाला में अपनी – अपनी चिंतनशील डायरी के अनुसार अपनी इंटर्नशिप-1 के विभिन्न अनुभवों को साझा किया।

प्रथम और द्वितीय सत्र का विषय ‘विद्यालयी प्रशिक्षण (इंटर्नशिप-1) के दौरान किए गए क्रियाकलापों के प्रतिवेदन और चिंतनशील डायरी का आंकलन’ रहा। सत्र विशेषज्ञ द्वारा विद्यार्थियों का इस विषय पर मार्गदर्शन और मूल्यांकन किया गया।

तृतीय और चतुर्थ सत्र का विषय ‘आभासी परिवेश में पाठ योजनाओं की प्रस्तुति’ रहा। इस सत्र में शिक्षार्थियों ने हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषयों पर 5 ई मॉडल आधारित दो – दो पाठ योजनाओं का निर्माण किया। विषय विशेषज्ञों ने शिक्षार्थियों द्वारा निर्मित पाठ योजनाओं की जांच की और अपने मूल्यवान सुझाव दिए और मार्गदर्शन किया।

विषय विशेषज्ञों में डॉ. समीउल्लाह ने गणित, डॉ. त्रिपुरा झा ने हिन्दी साहित्य, डॉ. बीरू प्रकाश महतो ने सामाजिक विज्ञान, डॉ. संजय भुइयां ने विज्ञान और डॉ. मोनिका उप्पल ने अंग्रेजी विषय पर शिक्षार्थियों का पाठ योजना निर्माण में मार्गदर्शन किया ।

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कार्यशाला को सफल बनाने में नेहा सुरुचि मिंज, प्रभाकर राव और उपेंद्र शर्मा समेत सभी संसाधन सेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सत्रावसान हुआ। कार्यशाला में शिक्षक, छात्राएं, छात्र, संसाधन सेवी उपस्थित रहे।*

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