कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा एनकाउंटर में ढेर


सुकमा: कुख्यात माओवादी कमांडर मादवी हिडमा (43) को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है. 43 वर्षीय हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 के सुकमा घात सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था.
1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा के पुवर्ती इलाके में हिडमा का जन्म हुआ था. वह PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख बना था और सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य रहा था.सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे उर्फ राजक्का भी मारी गई है. हिडमा उर्फ संतोष PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था. यह सबसे घातक माओवादी हमला इकाई मानी जाती है. बता दें कि वह CPI (माओवादी) केंद्रीय समिति में बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी था. उस पर 50 लाख रुपये का इनाम था.
वह 2010 के दंतेवाड़ा (76 सीआरपीएफ जवान शहीद) का मास्टरमाइंड था.
इसके अलावा 2013 के झीरम घाटी नरसंहार (27 लोग शहीद, जिनमें शीर्ष कांग्रेस नेता भी शामिल थे) के पीछे था.
2021 के सुकमा-बीजापुर घात (22 सुरक्षाबल शहीद) का भी हमलावर था




