ईरान की रणनीति का नया आयाम: बहरीन‑कुवैत‑जॉर्डन तक फैल सकता है क्षेत्रीय संघर्ष


नई दिल्ली : मध्य‑पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव अब सिर्फ सीधी लड़ाई तक सीमित नहीं रहा। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान की रणनीति अब बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों को भी प्रभावित कर सकती है और इससे पूरा क्षेत्र अस्थिर हो सकता है। यह संघर्ष अब व्यापक सुन्नी‑शिया संघर्ष के रूप में उभर रहा है।

मीडिया विश्लेषण में कहा गया है कि ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है और अमेरिका के सहयोगी देश खाड़ी में ऐसे हमलों का सामना कर रहे हैं। इससे बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई जैसे देशों में तनाव और बढ़ा है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो खाड़ी देशों में गृहयुद्ध जैसे हालात भी उत्पन्न हो सकते हैं। सुन्नी बहुल सऊदी अरब ने भी अपने रक्षात्मक कदमों को आक्रामक मोड में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरा है।
इस बीच कई खाड़ी देशों ने ईरान के हमलों की निंदा भी की है। उदाहरण के तौर पर बहरीन ने ईरानी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और वैश्विक समुदाय से प्रतिक्रिया की अपील की है। ऐसे हालात में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को भी बड़ा जोखिम हो सकता है। इस संघर्ष का असर सिर्फ मध्य‑पूर्व तक सीमित नहीं रह रहा है, बल्कि विश्व भर की आर्थिक और राजनीतिक दिशाओं पर भी इसका प्रभाव दिख रहा है.



