नेपाल में Gen‑Z आंदोलन के बाद पहला चुनाव शुरू, 1.89 करोड़ मतदाता बलेंद्र शाह और ओली जैसे नेताओं के बीच निर्णायक मुकाबले के लिए वोटिंग में जुटे


काठमांडू : नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव शुरू हो गया है, जो देश के राजनीतिक इतिहास में बेहद अहम माना जा रहा है। यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है जो पिछले साल हुए Gen‑Z आंदोलन के बाद हो रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे और तत्कालीन सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था।इस चुनाव में लगभग 1.89 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें करीब 10 लाख पहले वोट डालने वाले युवा मतदाता भी शामिल हैं, जिससे इस चुनाव को युवा‑प्रधान बताया जा रहा है।मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है। देशभर में लगभग 3 लाख 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि चुनाव निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।इस चुनाव में कुल 6,541 उम्मीदवार भाग ले रहे हैं और संसद की 275 सीटों के लिए मतदाता वोट डाल रहे हैं। इनमें से 165 सीटों के लिए सीधा चुनाव हो रहा है, जबकि 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत भरी जाएंगी।

चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा 35 वर्षीय बलेंद्र शाह की है, जो पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और राष्ट्रिया स्वतंत्र पार्टी से प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार हैं। वे * Gen‑Z के समर्थन* के साथ युवा मतदाताओं में खास लोकप्रियता रखते हैं।उनका मुकाबला 74 वर्षीय केपी शर्मा ओली से है, जो चार बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं और पुरानी राजनीतिक व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं। ओली पिछले साल हुए आंदोलन के बाद सत्ता से हट चुके थे, लेकिन अब फिर वापसी की कोशिश कर रहे हैं।इसके अलावा नेपाली कांग्रेस के गगन थापा भी एक प्रमुख चेहरा हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों को अपने कैंपेन का केंद्र बनाया है। विश्लेषकों के अनुसार यह चुनाव Gen‑Z के उभार और पुरानी राजनीति के बीच मुकाबला है और इसका परिणाम नेपाल के भविष्य की दिशा तय करेगा। उच्च युवा मतदान और बदलाव की उम्मीद इस चुनाव को पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बनाती है।



