लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की पहल, विपक्ष ने सचिवालय को सौंपा प्रस्ताव नोटिस


दिल्ली : नई दिल्ली में विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया। इस कदम की संभावना पहले से जताई जा रही थी।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि मंगलवार दोपहर 1:14 बजे नियम और प्रक्रिया के नियम 94C के तहत लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जमा किया गया है। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने भी नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा।
विपक्ष का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके अलावा कांग्रेस की महिला सांसदों के साथ सदन में अनुचित स्थिति उत्पन्न होने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर अध्यक्ष को हटाने का नोटिस दिया गया है।
निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश, सांसद मोहम्मद जावेद सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने यह नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके समेत कई विपक्षी दलों के 118 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत दिया गया है। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा 5 फरवरी को दिए गए उस वक्तव्य का भी उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 4 फरवरी को कांग्रेस के कुछ सदस्य सदन के नेता यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के पास जाकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित नहीं हुए।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि यह बयान कांग्रेस सांसदों के खिलाफ खुले तौर पर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाने जैसा है। विपक्ष का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां अध्यक्ष पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।



