सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में दिखा लघु भारत,हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प,


दिल्ली: कोसीकलां के पड़ाव स्थल पर असम के गोपी मोहन सिन्हा का कहना था कि वह पांच लोगों के साथ आए हैं। सनातन धर्म की रक्षा और एकता के साथ ही हिंदू राष्ट्र का सपना भी पूरा होना चाहिए। ओडिसा के नामदेव महतो हिंदी बोल नहीं पाए मगर जय श्रीराम बोलकर अपना इरादा जाहिर कर दिया। दिल्ली के सचिन का कहना था कि अब बंटना नहीं है, जातिभेद खत्म होना चाहिए। हम सब हिंदू हैं।गोरखपुर के संजीत तिवारी बतातेहैं कि गोमाता के लिए कानून बने, हिंदू राष्ट्र घोषित हो हमारा देश, इसलिए शामिल हुए। बागपत के पवन शर्मा का कहना था कि एकता में ही शक्ति है। हिंदुओं को जातियों से ऊपर उठना चाहिए। अब हम सभी असम, बिहार, बंगाल, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, यूपी के लोगों के साथ चल रहे हैं। किसी ने हमसे जाति नहीं पूछी तो हम सब सनातनी हैं। सनातन ही हमारा राष्ट्र बने।नेपाल से आईं नंदरानी चौधरी व शंभूबाई का कहना था कि हमारे लिए हिंदू धर्म पहले हैं, हम नेपाली को भारत से अलग नहीं मानते। पंजाब से आईं सिमरनजीत ने कहा कि वह पूरे परिवार के साथ आई हैं। फरीदाबाद से शामिल हुई हैं। बाबा बागेश्वर धाम सनानत धर्म को विश्व में ऊंचा उठाने का काम कर रहे हैं। उनके साथ आए हैं।पदयात्रा में दिल्ली के राजू शर्मा, अजमेर की बसंती देवी सहित कई लोग हाथों में झाड़ू लेकर चल रहे थे। राजूु ने बताया कि पदयात्रा के दौरान कई जगह रास्तों में कंकड़, पत्थर होते हैं। सैकड़ों पदयात्री नंगे पैर चल रहे हैं




