हिंदुओं को दावत खिलाने पर नाराज हुए मौलाना-मौलवी

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बरेली:  बेटी के निकाह की दावत में हिंदुओं को बुलाने से गुस्साए मुस्लिम ग्रामीणों ने समारोह का बहिष्कार कर दिया। मौलवियों, मौलानाओं के उकसाने पर वे लोग निकाह में शामिल नहीं हुए।
शनिवार को बिटिया के कृषक पिता ने भोजीपुरा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की मगर, रविवार को पैर खींच लिए। उन्होंने कहा कि बहिष्कार करने वाले लोगों ने गलती स्वीकार ली इसलिए कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
गांव मोहम्मदपुर जाटान निवासी ताहिर अली की बेटी का निकाह तीन दिसंबर को था। उन्होंने निकाह से पहले दो दिन दावत रखी। एक दिसंबर को परिचित हिंदुओं के लिए दावत का इंतजाम किया, जिसमें शाकाहारी खाना था। मुस्लिमों के लिए दो दिसंबर की दावत तय हुई, जिसमें मांसाहारी भोजन भी रखना था।ताहिर अली का गंभीर आरोप है कि इमाम अखलाक रजा, इमाम इमरान रजा, मौलाना हसरत अली और मौलाना अबुल कादिर सहित कुछ अन्य मौलानाओं ने मिलकर व्हाट्सएप पर एक फतवा जारी किया और उसे बड़े पैमाने पर पोस्ट करा दिया। फतवे में स्पष्ट रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों से ताहिर अली की बेटी की शादी की दावत में शामिल न होने के लिए कहा गया।इस फतवे के डर या प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग 2 दिसंबर की दावत में शामिल नहीं हुए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मेहमानों के न आने के कारण उन्हें दावत के आयोजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।पीड़ित ताहिर अली ने बरेली के एसएसपी से इस मामले की लिखित शिकायत की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भोजीपुरा थाना प्रभारी को पूरे मामले की जांच सौंप दी है।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि तथ्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मान्यताओं के टकराव का एक गंभीर उदाहरण है।

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