आंध्र प्रदेश में ONGC के मोरी-5 गैस कुएं में भीषण धमाका, आग दूसरे दिन भी बेकाबू

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आंध्र प्रदेश : आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिला में ओएनजीसी के मोरी-5 गैस कुएं में सोमवार दोपहर हुए जोरदार धमाके के बाद लगी आग मंगलवार को भी धधकती रही। ऊंची-ऊंची लपटें आसमान तक उठती दिखीं, जबकि आसपास के इलाके घने काले धुएं से ढक गए। रेजोल शहर के कुछ हिस्सों में धुएं के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

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रातभर दमकल टीमें मोर्चा संभाले रहीं। उनका फोकस कुएं के मुहाने को ठंडा रखने और आग को नजदीकी नारियल बागानों व मछली तालाबों तक फैलने से रोकने पर रहा। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

आग पर काबू पाने के लिए दिल्ली से क्राइसिस मैनेजमेंट की एक विशेषज्ञ टीम मंगलवार सुबह पहुंचने वाली है, जो वेल कंट्रोल ऑपरेशन का नेतृत्व करेगी। फिलहाल दमकलकर्मी नरसापुरम से लाए गए हाई-प्रेशर पाइपों से चारों ओर पानी की तेज बौछार कर ‘वॉटर अम्ब्रेला’ बना रहे हैं, ताकि कुएं का मुहाना ठंडा रहे और आग आसपास न फैले।

सुरक्षा के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने कुएं के 1 किलोमीटर दायरे को नो-गो ज़ोन घोषित किया है। इरुसुमांडा और आसपास के गांवों से करीब 300 परिवारों (लगभग 600 लोग) को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। 5 किलोमीटर के दायरे में लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है कि लोग बिजली के उपकरण, गैस चूल्हा या किसी भी प्रकार की आग का उपयोग न करें, क्योंकि हवा में ज्वलनशील गैस मौजूद होने की आशंका है। इलाके के स्कूलों को भी अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है।

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जिला कलेक्टर आर. महेश कुमार ने मौके का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कुएं के नीचे एक इंसुलेटेड लेयर है, जिसमें अनुमानित 30–40 मिलियन टन का भंडार है। यदि दबाव समय पर कम नहीं हुआ, तो मैकेनिकल कैपिंग का विकल्प अपनाया जाएगा, जिसमें कई दिन लग सकते हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार दोपहर करीब 12:20 बजे हुआ। लंबे समय से बंद पड़े इस कुएं को उत्पादन बढ़ाने के लिए दोबारा शुरू किया जा रहा था। दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टीम लगभग 2.7 किलोमीटर गहराई पर परफोरेशन का काम कर रही थी, तभी अचानक दबाव बढ़ा और गैस के साथ कच्चे तेल का मिश्रण बाहर निकल आया। कुछ ही मिनटों में यह आग की चपेट में आ गया।

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