जुगसलाई चुनाव में बड़ा उलटफेर! निलूफर हुसैन ने मतदान से ठीक एक दिन पहले नौशीन खान को दिया समर्थन, विकास और ‘कौम’ का दिया हवाला


जमशेदपुर: जुगसलाई नगर परिषद के 23 फरवरी को होने वाले मतदान से ठीक एक दिन पहले सियासत में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। अध्यक्ष पद की प्रत्याशी निलूफर हुसैन, जो अब तक अपने दम पर ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार कर रही थीं, उन्होंने रविवार की शाम अचानक झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान की पत्नी और प्रत्याशी नौशीन खान को अपना समर्थन देने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
विकास और सकारात्मक बदलाव की अपील: निलूफर हुसैन ने मतदाताओं से नौशीन खान के पक्ष में मतदान करने की जोरदार अपील की है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जुगसलाई इलाके में सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नौशीन को चुनना बेहद जरूरी है। निलूफर के अनुसार, नौशीन का बचपन से ही जनता के साथ गहरा जुड़ाव रहा है, जिस कारण वे स्थानीय लोगों की समस्याओं और जमीनी जरूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि नौशीन के नेतृत्व में सामाजिक और आर्थिक विकास की योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। निलूफर ने मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे वोटिंग के दिन अपने मतदान केंद्र पर जरूर पहुंचें और सकारात्मक बदलाव तथा विकास की दिशा में अपना बहुमूल्य वोट दें।
कल तक की थी शिकायत, आज किया समर्थन: इस अचानक हुए राजनीतिक फेरबदल ने सबको चौंका दिया है क्योंकि निलूफर हुसैन ने पहले न सिर्फ अपना नामांकन वापस लेने से इनकार किया था, बल्कि कल तक वे खुद हिदायतुल्लाह खान के खिलाफ मुखर थीं। आपको बता दें कि इस घोषणा से ठीक एक दिन पहले ही निलूफर जमशेदपुर के डीसी ऑफिस गई थीं। वहां उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी कि जुगसलाई के मुस्लिम बहुल इलाकों के बूथों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाए, क्योंकि एक विशेष वर्ग के लोग उन्हें और उनके मतदाताओं को डरा-धमका रहे हैं।
‘कौम’ की खातिर और बीजेपी को रोकने की रणनीति: विकास के दावों के बीच, इस फैसले के पीछे का एक बड़ा कारण राजनीतिक समीकरण और ध्रुवीकरण भी है। रविवार की शाम हिदायतुल्लाह खान के साथ हुई एक अहम मीटिंग में निलूफर ने यह समर्थन दिया। इसके पीछे की मुख्य वजह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के जमशेदपुर दौरे के बाद बने माहौल को माना जा रहा है, जिससे यह लगने लगा था कि बीजेपी समर्थित उम्मीदवार रिंकू सिंह चुनाव जीत सकते हैं।
निलूफर हुसैन ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी हाल में बीजेपी को जीतने नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी ‘कौम’ (समुदाय) की खातिर हिदायतुल्लाह खान की पत्नी का समर्थन कर रही हैं, ताकि उनके ही कौम का कोई व्यक्ति अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ सके।
जेएमएम (JMM) का रुख और चुनाव का वर्तमान समीकरण: इस चुनाव में सत्तारूढ़ जेएमएम का रुख भी बेहद दिलचस्प है। हिदायतुल्लाह खान राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हैं, लेकिन इसके बावजूद जेएमएम ने उनकी पत्नी नौशीन खान को समर्थन न देकर डॉली मलिक को अपना आधिकारिक समर्थन दिया है।
हालांकि, चुनाव के ठीक पहले निलूफर हुसैन का यह बड़ा समर्थन मिलने के बाद, जुगसलाई के मुस्लिम समुदाय में अब हिदायतुल्लाह खान और उनकी पत्नी नौशीन खान जीत के एक मजबूत और एकमात्र विकल्प के तौर पर उभरते नजर आ रहे हैं।
चुनावी मैदान में अभी भी कई प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और सभी अपनी-अपनी अंतिम रणनीतियों के साथ मतदाताओं के बीच पैठ बनाने में जुटे हुए हैं। अब 23 फरवरी का मतदान ही तय करेगा कि जुगसलाई की जनता इस नए राजनीतिक समीकरण को किस रूप में स्वीकार करती है।




