कुलपति चयन में बड़ा बदलाव, अब राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री की भी होगी भूमिका


रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को ‘झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक-2026’ ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जिसके बाद अब विश्वविद्यालयों के कुलपति (वीसी) का चयन राज्यपाल और मुख्यमंत्री मिलकर करेंगे। दोनों के बीच सहमति बनने के बाद कुलाधिपति द्वारा नियुक्ति की जाएगी। इस नए प्रावधान के साथ कुलपति चयन प्रक्रिया में मुख्यमंत्री की भूमिका औपचारिक रूप से शामिल हो गई है।

विधेयक के तहत कुलपति के चयन के लिए एक सर्च कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता कुलाधिपति द्वारा नामित शिक्षाविद करेंगे। यह समिति तीन से पांच नामों की अनुशंसा करेगी, जिनमें से एक नाम का चयन राज्यपाल और मुख्यमंत्री संयुक्त रूप से करेंगे। प्रभारी कुलपति की नियुक्ति में भी मुख्यमंत्री से परामर्श लेना अनिवार्य होगा। साथ ही विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलाधिपति का नया पद सृजित किया जाएगा और विभागाध्यक्षों की नियुक्ति अब तीन साल के रोटेशन पर होगी।
सरकार ने 26 अगस्त 2025 को पारित पुराने ‘झारखंड विवि विधेयक 2025’ को वापस ले लिया, जो लोकभवन में लंबित था। इसके अलावा राज्य में यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन के गठन का भी निर्णय लिया गया है, जो शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मियों की नियुक्ति करेगा। हालांकि इस कमीशन के अध्यक्ष के रूप में शिक्षाविद नियुक्त करने के संशोधन प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया।



