झारखंड में अब सुबह 4 बजे तक मिलेगी शराब, लागू होगी नई नियमावली 2026


झारखंड : झारखंड में होटल-बार संचालकों और देर रात तक शराब पार्टी करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य में जल्द ही झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार और क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन की नई नियमावली 2026 लागू होगी. दरअसल, उत्पाद की नई नियमावली लागू होने के बाद झारखंड सरकार की तरफ से पूरे राज्य में बार के लाइसेंस, शराब परोसने और उनके संचालन के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया हैं. इसके साथ ही राज्य के राजस्व में वृद्धि लाने, सुरक्षा मानकों को सख्त करने के उद्देश्य से अलग-अलग शहरों की श्रेणी के आधार पर समय और शुल्क निर्धारण किए गए हैं. उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने होटलों एवं रेस्तरां में बार के संचालन को लेकर नई झारखंड मदिरा का भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली 2026 लागू करने का निर्णय लिया है।

विभाग ने इसका प्रारुप जारी कर आम नागरिकों एवं स्टेक होल्डरों से उसपर सुझाव मांगा है। अभी तक बार का संचालन झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली, 2022 के तहत होता है, जिसके तहत किसी भी श्रेणी के होटलों या रेस्तरां में बार का संचालन रात के 12 बजे तक ही होता है।प्रस्तावित नियमावली के अनुसार राज्य के सभी फाइव स्टार होटलों में रात के चार बजे तक बार का संचालन हो सकेगा। इसके लिए संबंधित जिले के एसपी से एनओसी लेना होगा।
वहीं, पूरे राज्य के तीन व चार स्टार होटलों में सिर्फ रात के दो बजे तक ही बार संचालित करने की अनुमति होगी। रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां जिला को छोड़कर दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, जामताड़ा, चतरा, कोडरमा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, गढ़वा, लातेहार में तीन स्टार से नीचे के होटलों में बार संचालन रात के 12 बजे तक ही होगा।नई नियमावली के तहत त्रैमासिक लाइसेंस शुल्क के स्थान पर अब वार्षिक लाइसेंस शुल्क एकमुश्त जमा किए जाने का प्रविधान है। व्यवसायियों के सहुलियत को देखते हुए लाइसेंसधारी जमानत की राशि लाइसेंस अवधि में कभी भी ई-बैंक गारंटी से विकल्प के तौर पर कर सकते हैं।झारखंड में लाइसेंसधारियों के लिए सामान्य संचालन अवधि रात के 12 बजे तक निर्धारित की गई है। अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क का भुगतान कर एवं जिला के एसएसपी, एसपी की अनापत्ति के बाद बार संचालन अवधि को बढ़ाया जा सकता है।नई नियमावली में लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण तथा अपील से संबंधित प्रविधानों को स्पष्ट किया गया है। विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं व दंड को वर्गीकृत किया गया है।



