झारखंड पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिए सुपुर्द किया स्पीड-लिमिट का सख्त पालन — दुर्घटनाओं को रोकने की मांग


झारखंड: झारखंड में पुलिस और सड़क सुरक्षा विभाग ने राज्यों में बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए स्पीड-लिमिट (गति सीमा) का सख्त पालन करने की अपील की है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है, इसलिए गति नियंत्रित रखना ज़रूरी है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन इलाकों में जहाँ दुर्घटनाओं की संख्या अधिक होती है — खासकर स्कूल, अस्पताल और बाजार के पास — वहाँ स्पीड-लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेत और स्पीड ब्रेकर लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, वाहन चालकों को समय-समय पर जागरूकता अभियान के तहत नियमों का पालन करने की समझाईश दी जाएगी।
प्रदेश में पिछले समय से “रफ़्तार घटाओ, सुरक्षा बढ़ाओ” जैसे जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसमें नागरिकों और युवा चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया जाता है। इन अभियानों में हेलमेट, सीट बेल्ट, तेज रफ़्तार से बचने और नशे की स्थिति में वाहन न चलाने जैसे सुझाव दिए जाते हैं।
पुलिस ने कहा है कि यदि गति सीमा का उल्लंघन होगा, तो जुर्माने या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उनका उद्देश्य है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन हो और लोगों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य प्रशासन और पुलिस, सड़कों को सुरक्षित बनाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए गंभीर हैं — लेकिन इसके लिए जनता का सहयोग भी बेहद जरूरी है।



